होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाज पर हमला, गुजरात के नाविक की मौत; 13 भारतीयों को ओमान कोस्ट गार्ड ने बचाया
होर्मुज स्ट्रेट में एक बार फिर व्यापारिक जहाज को निशाना बनाया गया है। 2 नवंबर को हुए हमले में गुजरात के एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि जहाज पर मौजूद अन्य 13 भारतीयों को ओमान के कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया। मृतक की पहचान गांधार नाहीम अजीज के रूप में हुई है।
हमले का शिकार हुए जहाज का नाम MSV अल जुसुफी बताया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जहाज पर हमला किसने किया और इसके लिए किस तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया। घटना के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने व्यापारिक जहाजों पर हमले रोकने की अपील की है। मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही और व्यापार बिना किसी रुकावट के जारी रहना चाहिए।
ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के मुताबिक, अक्टूबर में होर्मुज स्ट्रेट और इसके आसपास के समुद्री क्षेत्र में जहाजों पर 30 से ज्यादा हमले हुए। ईरान-अमेरिका संघर्ष शुरू होने के बाद एक महीने में हमलों की यह सबसे बड़ी संख्या बताई गई है।
पहले भी भारतीय नाविकों वाले जहाज को बनाया गया था निशाना
होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय क्रू वाले जहाज पर हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 29 अक्टूबर को 27 भारतीय क्रू सदस्यों वाले तेल टैंकर MT लुईस 1 पर हमला हुआ था।
पनामा के झंडे वाले इस जहाज के पास एक छोटी नाव पहुंची थी। उसमें सवार लोगों ने जहाज के बाहरी हिस्से पर दो विस्फोटक चिपकाए और वहां से चले गए। कुछ देर बाद दोनों विस्फोटकों में धमाका हुआ, जिससे जहाज के इंजन रूम में आग लग गई और इंजन कुछ समय के लिए बंद हो गया।
हालांकि, जहाज के क्रू ने आग पर काबू पा लिया था। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया था कि जहाज पर सवार सभी 27 भारतीय सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई। इस हमले के पीछे किसका हाथ था, इसकी जानकारी भी सामने नहीं आई थी।
होर्मुज में अब तक 122 जहाजों पर हमले
इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) के मुताबिक, 28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से 30 अक्टूबर तक फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी में कुल 122 जहाजों पर हमले हुए हैं।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक रास्तों में शामिल है। यहां से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल की आपूर्ति होती है। ऐसे में इस क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों से अंतरराष्ट्रीय तेल सप्लाई और वैश्विक कारोबार प्रभावित होने की आशंका है।
अक्टूबर 2026 के दौरान होर्मुज क्षेत्र में भारतीय क्रू वाले 5 जहाजों पर हमले की घटनाएं भी सामने आईं।
विदेश मंत्री जयशंकर ने G20 बैठक में उठाया था मुद्दा
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच व्यापारिक जहाजों पर हमलों को लेकर भारत पहले भी चिंता जता चुका है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने G20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में इस मुद्दे को उठाया था।
उन्होंने कहा था कि समुद्री जहाजों पर होने वाले हमलों का सबसे ज्यादा असर गरीब और विकासशील देशों पर पड़ता है। इससे पेट्रोल-डीजल, खाद्य पदार्थों और खाद की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। आपूर्ति बाधित होने पर इन जरूरी चीजों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
लगातार बढ़ते हमलों के बीच भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

