भारत-जापान रिश्तों को मिली नई उड़ान, रक्षा से AI तक हुए अहम करार, PM मोदी बोले- 'ताकाइची मेरी छोटी बहन जैसी....'
भारत और जापान ने अपने संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। जापान की प्रधानमंत्री साना ताकाची की भारत यात्रा के दौरान, फार्मास्यूटिकल्स, रक्षा, टेक्नोलॉजी और आर्थिक सहयोग समेत कई क्षेत्रों में समझौते किए गए। हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साना ताकाची की मौजूदगी में, दोनों देशों ने सहयोग पर कई समझौतों (MoC) पर हस्ताक्षर किए।
Sharing my remarks during the joint press meet with PM Sanae Takaichi of Japan. @takaichi_sanae
— Narendra Modi (@narendramodi) July 2, 2026
https://t.co/vIcOdb1d8j
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संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साना ताकाची का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अपनी "छोटी बहन" बताते हुए कहा, "मैं प्रधानमंत्री ताकाची - जो मेरी छोटी बहन हैं - और साथ ही दोनों देशों के प्रतिनिधियों और मीडिया के सदस्यों का स्वागत करता हूं। मुझे खुशी है कि वह भारत-जापान सालाना शिखर सम्मेलन के लिए पहली बार भारत आई हैं।" पीएम मोदी ने कहा कि साना ताकाची जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री और एक दूरदर्शी नेता हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनका गृह प्रांत (prefecture) भारत और जापान के बीच साझा बौद्ध विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
जापान की प्रधानमंत्री के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने और क्या कहा?
दोनों देशों के संबंधों पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "कुछ दिन पहले G7 शिखर सम्मेलन में मैंने कहा था कि वैश्विक उथल-पुथल के इस दौर में, आपसी भरोसा हमारी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत है। मुझे गर्व है कि भारत-जापान की साझेदारी इस पैमाने पर पूरी तरह खरी उतरती है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में, जापान ने ऑटोमोबाइल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक के क्षेत्रों में भारत के विकास में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने आगे कहा, "आज, प्रधानमंत्री ताकाची की यात्रा के साथ, हम अपनी खास रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी में एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं।"
किन मुद्दों पर भारत और जापान के बीच सहमति बनी?
बैठक के दौरान, दोनों नेताओं ने रक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सप्लाई चेन, निवेश और उभरती टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियमों पर आधारित व्यवस्था को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान के बीच संबंध सिर्फ एक आर्थिक साझेदारी नहीं हैं, बल्कि ये भरोसे, लोकतांत्रिक मूल्यों और साझा हितों के मजबूत बंधनों पर भी आधारित हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में, यह साझेदारी दोनों देशों के विकास के साथ-साथ पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता और समृद्धि में अहम भूमिका निभाएगी।

