India-US Trade Deal: अंतिम दौर में भारत-अमेरिका की ट्रेड डील, मोदी-ट्रंप जल्द फिर कर सकते हैं बात
India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने कहा है कि दोनों देश समझौते से जुड़े बचे हुए मुद्दों को सुलझाने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डील की घोषणा फिलहाल तत्काल होने वाली नहीं है।
ग्रीर ने यह जानकारी अमेरिका के मिलवॉकी में आयोजित G20 Trade Ministers' Meeting के बाद दी। उनके मुताबिक, दोनों पक्षों ने उन प्रमुख मुद्दों की पहचान कर ली है, जिन पर अभी सहमति बनना बाकी है और इन्हें सुलझाने के लिए अधिकारी लगातार काम कर रहे हैं।
मोदी-ट्रंप की जल्द हो सकती है एक और बातचीत
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल में व्यापार समेत कई मुद्दों पर फोन पर बातचीत हुई थी। दोनों नेताओं के बीच जल्द एक और फोन कॉल होने की संभावना जताई गई है।
इस बातचीत में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की प्रगति और आगे की रणनीति की समीक्षा की जा सकती है। हालिया बातचीत में दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण तकनीकों समेत कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई थी।
पीयूष गोयल और ग्रीर की भी हुई मुलाकात
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मिलवॉकी में G20 बैठक से इतर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने को लेकर चर्चा हुई।
गोयल ने बैठक को सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच एक पारस्परिक रूप से लाभकारी अंतरिम समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में बातचीत हुई।
फरवरी में तैयार हुआ था समझौते का फ्रेमवर्क
भारत और अमेरिका ने फरवरी 2026 में द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए एक फ्रेमवर्क तय किया था। इसके बाद अमेरिकी टैरिफ नीति में हुए बदलावों के कारण बातचीत में कुछ नए मुद्दे सामने आए और वार्ता आगे बढ़ाने में अतिरिक्त समय लगा।
अब दोनों पक्ष उन मुद्दों पर काम कर रहे हैं, जिन्हें ग्रीर ने बातचीत के प्रमुख ‘स्टिकिंग पॉइंट्स’ बताया है। अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, इन मुद्दों की पूरी सूची दोनों पक्षों के सामने है और उन्हें सुलझाने की कोशिश जारी है।
भारत चाहता है प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले उचित बाजार अवसर
भारत की ओर से बातचीत में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि समझौते के बाद भारतीय कंपनियों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले उचित अवसर मिलना चाहिए। इसके तहत भारत की नजर आसियान देशों, चीन और बांग्लादेश जैसे प्रतिस्पर्धी बाजारों में मिलने वाली व्यापारिक परिस्थितियों पर भी है।
फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। अमेरिकी पक्ष ने समझौते को अंतिम चरण के करीब बताया है, लेकिन साथ ही यह संकेत भी दिया है कि अंतिम घोषणा के लिए कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनना अभी बाकी है।

