Samachar Nama
×

साउथ कोरिया : कार्यवाहक राष्ट्रपति ने महाभियोग परीक्षण के दौरान सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस को धन्यवाद दिया

सोल, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। साउथ कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू ने पूर्व राष्ट्रपति यूं सूक येओल के महाभियोग परीक्षण के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने में शामिल पुलिस अधिकारियों के लिए शुक्रवार को एक धन्यवाद लंच का आयोजन किया।
साउथ कोरिया : कार्यवाहक राष्ट्रपति ने महाभियोग परीक्षण के दौरान सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस को धन्यवाद दिया

सोल, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। साउथ कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू ने पूर्व राष्ट्रपति यूं सूक येओल के महाभियोग परीक्षण के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने में शामिल पुलिस अधिकारियों के लिए शुक्रवार को एक धन्यवाद लंच का आयोजन किया।

योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार हान के आधिकारिक निवास पर दोपहर के भोजन में राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी के कार्यवाहक प्रमुख ली हो-यंग, सियोल मेट्रोपॉलिटन पुलिस एजेंसी के कार्यवाहक प्रमुख पार्क ह्यून-सू और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हुए, जो 4 अप्रैल को संवैधानिक न्यायालय के महाभियोग के फैसले से पहले यून समर्थक और यून विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पों को रोकने के लिए मैदान में थे।

हान के कार्यालय ने कहा, "हमारे पुलिस अधिकारियों ने देश के लिए एक बेहद नाजुक और महत्वपूर्ण समय में अपने कर्तव्यों का पूरी तरह से पालन किया। मुझे उम्मीद है कि आप लोगों के पक्ष में बने रहेंगे और कोरिया गणराज्य को सुरक्षित बनाने वाले पुलिस अधिकारियों के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे।"

इस बीच, रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि साउथ कोरियाई सेना के 707वें विशेष मिशन समूह के प्रमुख और छह अन्य सैन्य अधिकारियों को 3 दिसंबर को मार्शल लॉ लागू करने में उनकी कथित संलिप्तता के कारण अनिवार्य अवकाश पर रखा गया है।

सात अधिकारियों में सेना के 707वें विशेष मिशन समूह के प्रमुख कर्नल किम ह्यून-ताए शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार इसमें ब्रिगेडियर जनरल ली सांग-ह्यून, प्रथम विशेष बल ब्रिगेड के कमांडर और मेजर जनरल पार्क हेन-सू, मंत्रालय के आपराधिक जांच कमांड के प्रमुख हैं। इन सभी पर असफल मार्शल लॉ प्रयास में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। इनमें से, पार्क को अपने कर्तव्यों से हटा दिया गया है, जबकि बाकी को उनके पदों से बर्खास्त कर दिया गया है।

ताजा निर्णय ने प्रभावित अधिकारियों को सैन्यकर्मी के रूप में बनाए रखा है। इससे सेना को अदालत में दोषी पाए जाने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई करने में सक्षम बनाया जा सके।

मंत्रालय ने पहले प्रमुख कमांडरों को अनिवार्य अवकाश पर रखा था, क्योंकि उनपर असफल मार्शल लॉ प्रयास में उनकी कथित संलिप्तता के लिए अभियोग लगाया गया था। इनमें पूर्व मार्शल लॉ कमांडर पार्क अन-सू भी शामिल हैं।

--आईएएनएस

एससीएच/जीकेटी

Share this story

Tags