अटलांटिक में क्रूज शिप MV होंडियस पर हंतावायरस का प्रकोप, वीडियो में देंखे 3 की मौत; 2 भारतीय नागरिक भी सवार
अटलांटिक महासागर में यात्रा कर रहे क्रूज शिप MV होंडियस पर गंभीर स्वास्थ्य संकट की स्थिति सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार जहाज पर हंतावायरस का प्रकोप फैल गया है, जिसमें अब तक 5 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 3 लोगों की मौत हो चुकी है। इस जहाज पर दो भारतीय नागरिक भी सवार हैं, जिससे चिंता और बढ़ गई है।ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (BBC) की रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज पर मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स के बीच यह संक्रमण तेजी से सामने आया, जिसके बाद मेडिकल टीम ने तुरंत आइसोलेशन और नियंत्रण उपाय लागू कर दिए हैं। संक्रमित लोगों को अलग रखा गया है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
जहाज पर मौजूद स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि संक्रमण सीमित संपर्क और संभावित पर्यावरणीय कारणों से फैला हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।इस बीच नीदरलैंड की लीडेन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में हंतावायरस मरीजों का इलाज कर रहीं विशेषज्ञ डॉक्टर करिन एलेन वेल्डकैंप ने इस बीमारी को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने समाचार एजेंसी AFP से बातचीत में कहा कि हंतावायरस का संक्रमण COVID-19 जैसा नहीं है और यह व्यक्ति से व्यक्ति में आसानी से नहीं फैलता।
डॉक्टर वेल्डकैंप ने स्पष्ट किया कि हंतावायरस का ट्रांसमिशन मुख्य रूप से संक्रमित कृंतकों (जैसे चूहे) के संपर्क या उनके मल-मूत्र के माध्यम से होता है। उन्होंने कहा कि इस वायरस का इंसानों के बीच फैलना कोरोना वायरस की तुलना में काफी कठिन है, जिससे बड़े स्तर पर महामारी फैलने की संभावना अपेक्षाकृत कम रहती है।हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि जहाज जैसे बंद वातावरण में संक्रमण का खतरा अधिक होता है, क्योंकि सीमित जगह और निकट संपर्क से वायरस फैलने की आशंका बढ़ जाती है। इसी कारण MV होंडियस पर सख्त क्वारंटीन और सैनिटाइजेशन उपाय अपनाए जा रहे हैं।
जहाज पर सवार यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। संबंधित देशों के नागरिकों, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, की सुरक्षा को लेकर राजनयिक स्तर पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।फिलहाल जहाज को आगे की यात्रा के बजाय निगरानी क्षेत्र में रखा गया है और मेडिकल टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते नियंत्रण उपाय लागू होने से संक्रमण को बड़े स्तर पर फैलने से रोका जा सकता है। यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि समुद्री यात्रा और बंद वातावरण में संक्रामक रोगों को लेकर सतर्कता कितनी जरूरी है।

