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Giorgia Meloni की बढ़ी टेंशन! इटली के युवाओं का सरकार से मोहभंग, विपक्ष को मिल रहा ज्यादा समर्थन

Giorgia Meloni की बढ़ी टेंशन! इटली के युवाओं का सरकार से मोहभंग, विपक्ष को मिल रहा ज्यादा समर्थन

इटली में भी युवाओं और सरकार के बीच असंतोष साफ़ दिख रहा है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, युवा वोटरों के बीच प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की सरकार को लेकर नाराज़गी बढ़ रही है। मेलोनी और उनकी पार्टी के ख़िलाफ़ यह नया ट्रेंड 2027 में होने वाले आम चुनावों से पहले उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

'Utrend' के अनुसार, 35 साल से कम उम्र के वोटरों के बीच मेलोनी के दक्षिणपंथी गठबंधन को 30% से भी कम समर्थन मिला है। इस गठबंधन में मेलोनी की 'ब्रदर्स ऑफ़ इटली' पार्टी, माटेओ साल्विनी की 'लीग' और विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी की 'फ़ोरज़ा इटालिया' शामिल हैं। इसके उलट, 2023 में - यानी उनके प्रधानमंत्री बनने के एक साल बाद - मेलोनी की अपनी पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ़ इटली' को सिर्फ़ 30% समर्थन मिला था। वहीं, विपक्षी गठबंधन को इस उम्र के लगभग 50% वोटरों का समर्थन मिल रहा है; विपक्ष में डेमोक्रेटिक पार्टी, 5-स्टार मूवमेंट और लेफ्ट-ग्रीन अलायंस जैसी पार्टियां शामिल हैं।

इटली के युवा मेलोनी से क्यों नाराज़ हैं?

रिपोर्ट्स बताती हैं कि 2022 में प्रधानमंत्री बनीं मेलोनी युवाओं के लिए नौकरियां और बेहतर आर्थिक अवसर पैदा करने की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी हैं। इसके अलावा, उनकी सरकार द्वारा कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए उठाए गए कदमों का भी युवाओं पर असर पड़ा है। इससे 18 से 34 साल की उम्र के वोटरों में सरकार के प्रति असंतोष की भावना पैदा हुई है। पोलिंग एजेंसी 'Utrend' के प्रमुख लोरेंजो प्रेग्लियास्को ने रॉयटर्स को बताया कि युवा वोटर अब साफ़ तौर पर सेंटर-लेफ़्ट पार्टियों की ओर झुक रहे हैं।

रोम की लुइस यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस के प्रोफ़ेसर लोरेंजो डि सियन का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने बताया कि मेलोनी सरकार ने ऐसे कोई बड़े आर्थिक सुधार लागू नहीं किए हैं जिनसे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो सकें। यूरोस्टैट के आंकड़ों के मुताबिक, 21 देशों वाले यूरोज़ोन में इटली में 15 से 24 साल के युवाओं के लिए रोज़गार की दर सबसे कम है। बैंक ऑफ़ इटली की एक रिपोर्ट के अनुसार, इटली में एक युवा ग्रेजुएट जर्मनी के अपने समकक्ष की तुलना में लगभग 20% कम कमाता है। **सख्त कानून-व्यवस्था के उपायों के खिलाफ युवाओं में गुस्सा**

मेलोनी सरकार ने रेव पार्टियों, गांजे के इस्तेमाल, सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन, जगहों पर अवैध कब्ज़े और नाबालिगों से जुड़े अपराधों जैसे मुद्दों पर सख्त रुख अपनाया है।

इन फैसलों से युवाओं और छात्रों में गुस्सा फैल गया है। नवंबर 2025 में, हजारों छात्रों ने "नो मेलोनी डे" के बैनर तले विरोध-प्रदर्शन किया।

छात्रों ने सख्त सुरक्षा कानूनों, शिक्षा बजट में कटौती और गाज़ा संघर्ष में इज़राइल को सरकार के समर्थन के खिलाफ विरोध किया।

सरकार ने 14 से 17 साल के नाबालिगों की आपराधिक जवाबदेही से जुड़े नियमों को और सख्त करने का प्रस्ताव भी दिया है।

अधिकारों के लिए काम करने वाले समूह 'एंटीगोन' के अनुसार, नाबालिग अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बाद 2023 में किशोर सुधार गृहों में कैदियों की संख्या में लगभग 50% की बढ़ोतरी हुई।

स्कूलों में सेक्स एजुकेशन के लिए माता-पिता की लिखित सहमति को अनिवार्य बनाने के सरकार के कदम की भी आलोचना हुई है।

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