भारत आते ही ईरान के बदले सुर, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप को भी दिया करारा जवाब
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के भारत पहुंचते ही उनके बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। अपने दौरे के दौरान उन्होंने अमेरिका और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा निशाना साधते हुए कड़े तेवर दिखाए हैं। अराघची ने कहा कि अब ईरान किसी भी तरह की धमकी या दबाव की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा।
अराघची का यह दौरा भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से बताया जा रहा है लेकिन उनके बयान ने वैश्विक सुर्खियां बटोर ली हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका की धौंस को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
उनके इस बयान को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में पहले से ही तनाव का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान इस तरह के बयानों के जरिए वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव एक बार फिर चर्चा में आ गया है। परमाणु समझौते प्रतिबंधों और क्षेत्रीय नीतियों को लेकर दोनों देशों के बीच पहले भी कई बार टकराव देखने को मिला है।
अराघची के ताजा बयान को इसी कड़ी में एक और कड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है जो संकेत देता है कि आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों में नरमी की उम्मीद फिलहाल कम है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत इस पूरे घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक भूमिका निभा सकता है। भारत और ईरान के बीच ऊर्जा व्यापार और चाबहार पोर्ट जैसे प्रोजेक्ट्स को लेकर गहरे संबंध हैं।
अराघची का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक भू राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और भारत को संतुलित विदेश नीति के साथ आगे बढ़ना होगा। ईरानी विदेश मंत्री के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से कवर किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है।

