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नेपाल में फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा, वीडियो में जाने 7 जिलों में नया अलर्ट; 1000 से ज्यादा मौतें, 4400 से अधिक लोग लापता

नेपाल में फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा, वीडियो में जाने 7 जिलों में नया अलर्ट; 1000 से ज्यादा मौतें, 4400 से अधिक लोग लापता

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात अभी सामान्य नहीं हुए हैं। नदियों का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने के बाद प्रशासन ने सात जिलों में नया बाढ़ अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं, नवलपरासी और चितवन में नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। यह अलर्ट ऐसे समय जारी हुआ है जब ग्लेशियर टूटने के बाद आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के बड़े हिस्से में भारी तबाही मचाई है।

ग्लेशियर टूटने से आई थी विनाशकारी बाढ़

26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने के बाद भारी मात्रा में बर्फ, चट्टान और मलबा नीचे की ओर आया। इसके बाद नदियों का जलस्तर अचानक कई मीटर तक बढ़ गया और देखते ही देखते फ्लैश फ्लड ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। रसुवा के साथ नुवाकोट और धादिंग जैसे जिलों में सड़कें, पुल और दूसरी महत्वपूर्ण संरचनाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुईं। विशेषज्ञों के मुताबिक ग्लेशियर के तेजी से पिघलने और उसके ढहने ने इस आपदा को और गंभीर बना दिया।

मौत का आंकड़ा 1000 के पार

आपदा के करीब एक सप्ताह बाद नेपाल और तिब्बत में मृतकों की संख्या 1000 के पार पहुंच गई है। उपलब्ध ताजा आंकड़ों के मुताबिक नेपाल में 1003 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तिब्बत में 16 लोगों की जान गई है। हजारों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में लापता लोगों की संख्या करीब 4000 से 4400 के बीच बताई गई है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।चितवन जिले में बड़ी संख्या में शव बरामद हुए हैं। हालांकि अलग-अलग समय पर जारी आंकड़ों में संख्या बदलती रही है, लेकिन चितवन सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल है। बाढ़ के पानी और मलबे में बह गए लोगों की तलाश के लिए सुरक्षा बलों और स्थानीय टीमों को लगाया गया है।

सड़क-पुल टूटने से राहत अभियान मुश्किल

संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने चिंता जताई है कि सबसे ज्यादा प्रभावित कुछ इलाकों से अभी भी संपर्क पूरी तरह स्थापित नहीं हो पाया है। कई सड़कें और पुल टूट जाने के कारण राहत एवं बचाव दलों के लिए दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचना बेहद मुश्किल बना हुआ है। हजारों परिवार अपने घरों से विस्थापित हुए हैं और उन्हें भोजन, पानी, दवाइयों तथा सुरक्षित आश्रय की जरूरत है।

बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर बड़ा संकट

बाढ़ के बाद मानवीय संकट भी गहराता जा रहा है। प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में बच्चे और गर्भवती महिलाएं पोषण संबंधी समस्याओं का सामना कर रही हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार हजारों बच्चों को तत्काल पोषण सहायता की जरूरत है। बाढ़ से प्रभावित परिवारों में स्वच्छ पानी, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।फिलहाल नए बाढ़ अलर्ट ने नेपाल की चिंता और बढ़ा दी है। प्रशासन नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है और नदी किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। पहले से तबाह इलाकों में एक और बाढ़ आने का खतरा राहत एवं बचाव अभियान के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

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