पश्चिम एशिया में महासंग्राम: अमेरिका के हमले से दहला तेहरान, ईरान ने फिर से बंद कर दिया होर्मुज स्ट्रेट
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा टकराव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद, अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरे दिन ईरान के कई शहरों पर हवाई हमले किए। इस नए सैन्य टकराव से दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता खतरे में पड़ गई है। इस बीच, ईरान ने दुनिया के एनर्जी सप्लाई रूट - होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) - को सभी तरह के जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद करने की घोषणा की है। तनाव के बीच गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। ब्रेंट फ्यूचर्स 1.57% बढ़कर 94.56 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.89% बढ़कर 91.73 डॉलर प्रति बैरल हो गया। इससे पहले सत्र में, अमेरिकी क्रूड फ्यूचर्स में 3 डॉलर से अधिक की उछाल आई थी।
**आधी रात को अमेरिकी हवाई हमलों से दहला ईरान**
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, वायु सेना, नौसेना और मरीन कॉर्प्स ने संयुक्त रूप से ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई ईरान द्वारा अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने और सहयोगी देशों पर मिसाइलें दागने के जवाब में की गई। इन हमलों में ईरान की राजधानी तेहरान, तटीय शहर बंदर अब्बास, सिरिक, मिनाब और केशम द्वीप सहित कई शहरों को निशाना बनाया गया।
**ईरान का जवाबी हमला और होर्मुज पर पकड़**
अमेरिकी हमले के बाद, ईरान ने एक बड़ा जवाबी हमला किया। ईरान ने उन खाड़ी देशों को निशाना बनाया जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। ईरानी मिसाइलें दागे जाने के बाद, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट हो गए और सायरन बजने लगे। जॉर्डन ने दावा किया कि उसने अपने एयरबेस की ओर आ रही पांच मिसाइलों को मार गिराया है। इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि वे अमेरिका या इज़राइल को ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपनी ज़मीन का इस्तेमाल न करने दें। ईरान के सैन्य संगठन 'खतम अल-अंबिया' ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को अब पूरी तरह बंद कर दिया गया है और वहां से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जाएगा।

