अल्बानिया में सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन, प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर कुर्सियों में लगाई आग; फुटेज में देंखे ‘इस्तीफा’ लिखकर जताया विरोध
अल्बानिया में प्रधानमंत्री एडी रामा की सरकार के खिलाफ छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन रविवार को उग्र हो गया। राजधानी तिराना में प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर रखी कुर्सियों में आग लगा दी। इन कुर्सियों को प्रधानमंत्री ने छात्रों के साथ बातचीत की पहल के तहत रखवाया था। कुर्सियों पर ‘डायलॉग’ यानी बातचीत लिखा हुआ था, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने कुर्सियों पर ‘इस्तीफा’ लिखकर सरकार के प्रति अपना विरोध जताया।प्रदर्शनकारी पिछले 13 दिनों से राजधानी तिराना में सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। रविवार को बड़ी संख्या में छात्र और युवा सबसे पहले शिक्षा मंत्रालय के बाहर एकत्र हुए। यहां उन्होंने कुछ देर तक नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से इमारत पर पत्थर फेंके जाने की भी खबर है। इसके बाद प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर बढ़ गए। वहां पहुंचकर उन्होंने बातचीत के लिए रखी गई कुर्सियों में आग लगा दी।
बातचीत के प्रस्ताव को प्रदर्शनकारियों ने ठुकराया
प्रधानमंत्री एडी रामा ने छात्रों के साथ बातचीत शुरू करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर कुर्सियां और पत्थर की एक बड़ी मेज रखवाई थी। कुर्सियों पर ‘डायलॉग’ शब्द लिखा गया था, जिसे सरकार की ओर से बातचीत की पेशकश के तौर पर देखा गया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने इस पहल को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कुर्सियों पर ‘इस्तीफा’ लिखकर सरकार से पद छोड़ने की मांग की।प्रदर्शन के दौरान कुर्सियों में आग लगाए जाने से आंदोलन का विरोध वाला रुख सामने आया। प्रदर्शनकारियों की नाराजगी अब केवल एक मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार, शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और पर्यावरण जैसे विषय भी आंदोलन का हिस्सा बन गए हैं।
भ्रष्टाचार के आरोपों से बढ़ी नाराजगी
एडी रामा सरकार के खिलाफ शुरू हुए इस आंदोलन की प्रमुख वजह सरकारी अधिकारियों पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोप बताए जा रहे हैं। छात्रों और युवाओं के बीच सरकारी कामकाज और प्रशासन से जुड़े मुद्दों को लेकर असंतोष बढ़ा है। इसके साथ ही शिक्षा और रोजगार से संबंधित चिंताओं ने भी विरोध को व्यापक बनाया है।प्रदर्शनकारियों की नाराजगी का एक अन्य कारण लग्जरी रिसॉर्ट परियोजना भी है, जिसका संबंध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर से बताया जाता है। इस परियोजना को लेकर अल्बानिया में कई महीनों से विरोध और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
कई मुद्दों पर एकजुट हुए छात्र और युवा
तिराना में लगातार जारी प्रदर्शन से सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। भ्रष्टाचार के आरोपों, रोजगार की चिंताओं, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों के कारण आंदोलन का दायरा बढ़ा है। रविवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर कुर्सियों में आग लगाने की घटना ने विरोध को नया रूप दे दिया।फिलहाल प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराना और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग उठाना है। आंदोलन आगे किस दिशा में बढ़ेगा और सरकार बातचीत या अन्य कदमों के जरिए इसका जवाब कैसे देगी, इस पर नजर बनी हुई है।

