इजराइल के हमले पर ईरान का करारा पलटवार, दागीं 150 मिसाइलें, तेल अवीव में दिखा धुएं का गुबार
मध्य-पूर्व में तनाव अब युद्ध में तब्दील होता दिख रहा है। ईरान और इजरायल के बीच लंबे समय से चला आ रहा टकराव अब सीधे सशस्त्र संघर्ष में बदल गया है। हाल ही में इजरायल द्वारा ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद, ईरान ने अब जोरदार जवाबी कार्रवाई की है। ईरान ने एक ही समय में इजरायल पर 150 से अधिक मिसाइलें दागीं। इस हमले की पुष्टि ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने की है। बताया गया है कि यह हमला व्यापक पैमाने पर किया गया जिसमें बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का एक साथ इस्तेमाल किया गया। इजरायल के कई शहरों में सायरन बजने लगे, जबकि यरुशलम और तेल अवीव जैसे संवेदनशील इलाकों में जबरदस्त धमाकों की आवाजें सुनी गईं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार हमले में 14 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है, जबकि नुकसान का वास्तविक आकलन अभी बाकी है।
ग्रेटर तेल अवीव क्षेत्र में बड़ा विनाश, दर्जनों इमारतें प्रभावित
ईरान द्वारा दागे गए मिसाइलों ने इजरायल के ग्रेटर तेल अवीव क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। इजरायली चैनल 13 ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया है कि इस क्षेत्र में ऐसा विनाश पहले कभी नहीं देखा गया। मिसाइलों ने दर्जनों रिहायशी इमारतों, सार्वजनिक स्थानों और वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। सड़कों पर मलबा और धुएं के गुबार साफ दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही इजरायली टीवी चैनलों ने कई वीडियो जारी किए हैं जिसमें मिसाइल हमलों के बाद उठते धुएं के बादल और हवाई हमले की चेतावनी के सायरन दिखाए गए हैं। पूरे देश में नागरिकों को शरण स्थलों में रहने की हिदायत दी गई है और आपात सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
‘ऑपरेशन सादिक प्रोमिस 3’ और नेतन्याहू की सुरक्षा व्यवस्था
ईरान का मिसाइल हमला: इजराइल पर 150 मिसाइलें दागकर दिया पलटवार#Iran | #Attack | #Israel | @chandn_bhardwaj pic.twitter.com/nnksNtzngd
— NDTV India (@ndtvindia) June 13, 2025
ईरान ने इस पूरे सैन्य अभियान को ‘ऑपरेशन सादिक प्रोमिस 3’ नाम दिया है। यह एक योजनाबद्ध जवाबी हमला है जिसे ईरानी वायु रक्षा कमान ने अंजाम दिया। इस अभियान के तहत ईरान ने इजरायल पर अत्याधुनिक जेट विमान F-35 'अदिर' से मिसाइल हमले करने का भी दावा किया है। IRNA की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सुरक्षा कारणों से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को देश से बाहर एक अज्ञात सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। हालांकि इजरायली सरकार की ओर से इस दावे की अभी कोई पुष्टि नहीं की गई है।
🔴 The Zionist regime will not escape safely from the heinous crime they’ve committed
— Khamenei Media (@Khamenei_m) June 13, 2025
📹 Imam Khamenei’s televised message following the Zionist regime's attacks on various parts of Iran and the martyrdom of a group of commanders, scientists, and civilians on June 13, 2025 pic.twitter.com/tRmtWK6rko
इजरायल ने यह भी साफ किया है कि उसके सभी पायलट सुरक्षित हैं और ईरान द्वारा दो लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा झूठा है। इजरायल की सेना का कहना है कि हमले के बाद उन्होंने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के कई परमाणु ठिकानों को फिर से निशाना बनाया है और ऑपरेशन अभी भी जारी है।
क्या बोले ईरान के सुप्रीम लीडर?
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इजरायल को उसके हमलों की सजा दी जाएगी और इस बार ईरानी सेनाएं उन्हें हर मोर्चे पर चुनौती देंगी। खामेनेई ने कहा कि अब हम पीछे नहीं हटेंगे और इजरायल को इस बार कीमत चुकानी होगी। उनका यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य आक्रामकता को और बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है। उन्होंने इस संघर्ष को न्याय और प्रतिशोध का नाम दिया है।
क्या अब पूरा क्षेत्र युद्ध की ओर?
इस संघर्ष ने अब पूरे मध्य-पूर्व को एक नई जंग की दहलीज पर ला खड़ा किया है। अमेरिका और रूस जैसे वैश्विक शक्तियों की नजरें इस पर टिकी हैं। इजरायल के सहयोगी देशों ने फिलहाल किसी भी प्रतिक्रिया से परहेज किया है, लेकिन लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है, जबकि तेल बाजार और वैश्विक स्टॉक मार्केट में अस्थिरता देखने को मिल रही है। इस जंग के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और राजनीतिक स्थिरता पर गहरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी यह जंग एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। अब यह सिर्फ सीमा या सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि वैश्विक राजनीति, सुरक्षा और कूटनीति पर भी इसका असर गहराता जा रहा है। आगे क्या होगा, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों देश युद्ध के मैदान से बातचीत की मेज तक आने को कितनी जल्दी तैयार होते हैं।

