मन था तो मार दिया... आखिर कौन है वो लड़की जिसने रिफ्यूजी बनकर एक लड़की ने हिला दी थी दक्षिण कोरिया की सरकार? यहां जानिए हैरान करने वाली कहानी
ज्योति मल्होत्रा का नाम इन दिनों हमारे देश में खूब चर्चा में है। ज्योति पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोप है। पुलिस और अन्य एजेंसियां उसके खिलाफ जांच कर रही हैं। वहीं, हम आपको एक ऐसी ही जासूस की कहानी बताने जा रहे हैं, जो अपने काम में निपुण होने के साथ-साथ बेहद खूबसूरत भी थी। अपनी सुन्दरता के कारण वह अपने शत्रुओं के भी निकट आ जाती थी, उन्हें मित्र बना लेती थी तथा उनसे वे सारे रहस्य उगलवा लेती थी जो उसके अतिरिक्त किसी को नहीं पता होने चाहिए। लेकिन जब तक इस जासूस का ताबीज खुला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
देलिकाश हुस्न और जहरिली अदीन वह एक युवा शरणार्थी थी। वह आश्रय की तलाश में दक्षिण कोरिया आयी थी। लेकिन वह बहुत खतरनाक थी. उसकी सुन्दरता की वास्तविकता कुछ और ही थी। उसके युवा शरीर में ज़हरीले इरादे छिपे थे। और जब यह रहस्य उजागर हुआ तो दक्षिण कोरियाई सरकार हैरान रह गयी। कोई भी उसकी आकर्षक सुंदरता और जहरीली हरकतों का शिकार हो सकता था। उत्तर कोरिया से भागकर दक्षिण कोरिया में शरण लेने वाले वोन जियांग ने हमेशा उत्तर कोरियाई शासन के अत्याचारों की कहानियां सुनाईं।
सैन्य अधिकारियों का अनुभव सात वर्ष पूर्व उत्तर कोरिया से आए शरणार्थी वॉन जियोंग को देखकर कई दक्षिण कोरियाई सैन्य अधिकारियों को भी ऐसा ही अनुभव हुआ था और जब वॉन की हकीकत सबके सामने आई तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई।
वह शरणार्थी के रूप में दक्षिण कोरिया पहुंची थीं। उस समय वॉन जियांग आश्रय की तलाश में दक्षिण कोरिया आये थे। वह उत्तर कोरिया की साम्यवादी सरकार के उत्पीड़न से बच निकली थी। उन्होंने उत्तर कोरिया की साम्यवादी सरकार को नुकसान पहुंचाने का कोई मौका नहीं छोड़ा। एक तो उत्तर कोरियाई सरकार से दुश्मनी और फिर उसका मनमोहक आकर्षण। जल्द ही कई दक्षिण कोरियाई सैन्य अधिकारी उसके जाल में फंस गये।
ऐसे ही एक अधिकारी थे कैप्टन ह्वांग। वोन जियांग के जाल में फंसकर ह्वांग उसके लिए कुछ भी करने को तैयार था। सेक्स और सुंदरता का जाल बिछाकर वॉन ने दक्षिण कोरिया के कई महत्वपूर्ण खुफिया दस्तावेज, सैन्य ठिकानों के नक्शे और अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए। वोन जियांग कोरिया की माँ बन गयी थी।
जहरीली सुई से हत्या की साजिश दरअसल, वोन जियांग एक खूबसूरत चाल थी वोन। वह उत्तर कोरिया की दुश्मन नहीं बल्कि उत्तर कोरिया की जासूस थी। चोरी के आरोप में जेल में बंद वॉन इसी इरादे से शरणार्थी के रूप में चीन के रास्ते दक्षिण कोरिया आया था। उसका वास्तविक उद्देश्य दक्षिण कोरियाई सैन्य अधिकारियों से खुफिया सैन्य दस्तावेज और उत्तर कोरियाई दलबदलुओं के बारे में जानकारी प्राप्त करना था, और यदि आवश्यक हुआ तो वह उन अधिकारियों को जहरीली सुई से मारने के लिए भी तैयार थी।
सात साल चला जासूस का खेल करीब सात साल तक वॉन की सेक्स, साजिश और जासूसी का खेल चला। लेकिन अंततः एक दिन वोन जियांग पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उन पर जासूसी और सरकार के विरुद्ध षडयंत्र रचने का आरोप लगाया गया। वॉन ने अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। जासूसी के लिए उन्हें मौत की सजा दी जा सकती थी, लेकिन सियोल के पास सुवोन की एक अदालत ने उन्हें पांच साल की जेल की सजा सुनाई।

