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इलॉन मस्क पर बनी 4 घंटे की डॉक्यूमेंट्री में चौंकाने वाले दावे, वीडियो में देंखे पूर्व पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

इलॉन मस्क पर बनी 4 घंटे की डॉक्यूमेंट्री में चौंकाने वाले दावे, वीडियो में देंखे पूर्व पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

वेनिस फिल्म फेस्टिवल में ऑस्कर विजेता निर्देशक एलेक्स गिब्नी की करीब चार घंटे लंबी डॉक्यूमेंट्री ने दुनिया के सबसे चर्चित कारोबारी और टेक अरबपति इलॉन मस्क की जिंदगी और उनके कामकाज को एक अलग नजरिए से पेश किया है। फिल्म में मस्क की पूर्व पत्नी, पूर्व गर्लफ्रेंड और पुराने सहयोगियों के इंटरव्यू के जरिए उनके व्यक्तित्व, महत्वाकांक्षा, सत्ता के प्रति रवैये और कारोबारी फैसलों पर सवाल उठाए गए हैं।डॉक्यूमेंट्री में किए गए दावे वक्ताओं के हैं और फिल्म में मस्क की तरफ से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी गई है, यह अलग से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

1990 के दशक से शुरू होती है कहानी

फिल्म की कहानी 1990 के दशक से शुरू होती है, जब मस्क एक महत्वाकांक्षी युवा कारोबारी के तौर पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे थे। उस दौर में उनके लक्ष्यों में जलवायु संकट से निपटने, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और अंतरिक्ष यात्रा को कम खर्चीला बनाने जैसे विचार शामिल थे।हालांकि, निर्देशक एलेक्स गिब्नी का नजरिया यह है कि समय के साथ मस्क की महत्वाकांक्षा का दायरा काफी बढ़ता गया। डॉक्यूमेंट्री में दावा किया गया है कि एक दौर ऐसा आया, जब मस्क अपने निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने की कोशिश में नैतिक सीमाओं और कानूनों को भी चुनौती देने लगे।

मंगल और ऑटोनॉमस कारों के वादों पर सवाल

डॉक्यूमेंट्री में मस्क के उन बड़े-बड़े वादों पर भी चर्चा की गई है, जिनमें मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती बसाने और पूरी तरह ऑटोनॉमस कारों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने जैसे दावे शामिल हैं।गिब्नी का आरोप है कि इस तरह के वादे केवल भविष्य की तकनीक का सपना दिखाने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने मस्क की सार्वजनिक छवि और कंपनियों के लिए निवेशकों का भरोसा मजबूत करने में भी भूमिका निभाई। फिल्म में यह सवाल उठाया गया है कि इन वादों में से कितने वास्तव में तय समयसीमा में पूरे हुए और कितने मस्क की महत्वाकांक्षी कारोबारी रणनीति का हिस्सा थे।

पूर्व पत्नी ने मस्क के व्यवहार को लेकर लगाए गंभीर आरोप

डॉक्यूमेंट्री में मस्क की पहली पत्नी जस्टिन विल्सन भी नजर आती हैं। उन्होंने मस्क के महिलाओं के प्रति कथित नजरिए को लेकर गंभीर दावे किए हैं।जस्टिन विल्सन के मुताबिक, मस्क महिलाओं को कथित तौर पर बच्चे पैदा करने की भूमिका तक सीमित नजरिए से देखते थे। उनका दावा है कि मस्क का मानना था कि एक महिला की जगह दूसरी महिला आसानी से ले सकती है।ये दावे डॉक्यूमेंट्री में शामिल व्यक्तिगत अनुभवों और पूर्व संबंधों से जुड़े बयानों का हिस्सा हैं। फिल्म में मस्क के निजी जीवन और उनके करीबी लोगों के साथ रिश्तों को भी उनके सार्वजनिक व्यक्तित्व के संदर्भ में देखने की कोशिश की गई है।

सत्ता और प्रभाव को लेकर भी चर्चा

डॉक्यूमेंट्री का एक बड़ा हिस्सा मस्क के बढ़ते आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव पर केंद्रित है। गिब्नी ने उनके कारोबारी सफर को केवल सफलता की कहानी के रूप में पेश करने के बजाय यह सवाल उठाया है कि अपार संपत्ति, तकनीकी कंपनियों पर नियंत्रण और बढ़ता सार्वजनिक प्रभाव किसी व्यक्ति की सोच और फैसलों को किस तरह बदल सकता है।चार घंटे की यह डॉक्यूमेंट्री मस्क की उपलब्धियों के साथ-साथ उनके विवादित फैसलों और व्यक्तित्व के उन पहलुओं पर भी ध्यान देती है, जिन पर अक्सर सार्वजनिक बहस होती रही है। वेनिस फिल्म फेस्टिवल में इसकी चर्चा के बाद अब यह फिल्म मस्क के प्रशंसकों और आलोचकों, दोनों के बीच बहस का विषय बन गई है।

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