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भूकंप या ग्लेशियर ब्लास्ट? नेपाल में आई अचानक बाढ़ ने मचाया हाहाकार, अब तक 162 शव बरामद।

भूकंप या ग्लेशियर ब्लास्ट? नेपाल में आई अचानक बाढ़ ने मचाया हाहाकार, अब तक 162 शव बरामद।

नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। भोटेकोशी नदी में आए तेज सैलाब ने लोगों, घरों, गाड़ियों और पुलों समेत कई जरूरी ढांचों को अपनी चपेट में ले लिया। नेपाल और चीन के सीमावर्ती इलाकों में इस प्राकृतिक आपदा से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल और चीन में अब तक कम से कम 165 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में नेपाली और विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। भारत के करीब 130 से 133 नागरिकों के भी संपर्क से बाहर होने की जानकारी सामने आई है।

बाढ़ के बाद नेपाल सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाल पुलिस ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है। सेना ने प्रभावित इलाकों में हेलीकॉप्टर और आपदा राहत टीमें तैनात की हैं। रसुवा जिले के तिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाके में सबसे ज्यादा नुकसान की खबर है। कई वाहन, सामान और संपत्तियां तेज बहाव में बह गईं।

इस आपदा की वजह को लेकर शुरुआती तौर पर भूकंप की आशंका जताई गई थी। 26 अगस्त की सुबह नेपाल और चीन की सीमा के पास भूकंपीय गतिविधि दर्ज की गई थी। हालांकि, बाद के विश्लेषण में ग्लेशियर के ढहने और मलबे के अचानक नीचे की ओर बहने की घटना को बाढ़ की बड़ी वजह बताया गया। इससे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और निचले इलाकों में बेहद तेज रफ्तार से पानी पहुंचा।

बाढ़ के बाद कई गांव प्रभावित हुए हैं और पुलों तथा जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। नेपाल में लापता लोगों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान जारी है। भारत ने भी नेपाल की मदद के लिए राहत सामग्री और जरूरी दवाएं भेजी हैं। भारतीय वायुसेना का C-130J विमान राहत अभियान में सहायता के लिए नेपाल भेजा गया है।

प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का काम लगातार जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, घायलों को इलाज उपलब्ध कराना और प्रभावित परिवारों तक जरूरी मदद पहुंचाना है।

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