यूएई शाही परिवार में ड्रग्स विवाद: 3 साल के बच्चे को अकेला छोड़ कोकीन का नशा कर रही थी बहू, कोर्ट के आदेश पर रिहैब कैंप भेजा
ब्रिटेन की राजधानी लंदन में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शाही परिवार से जुड़ी महराह अल नाहयान को बच्चे की देखभाल में लापरवाही के मामले में सजा सुनाई गई है। अदालत ने उन्हें दो साल तक रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम में शामिल होने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उन पर करीब 7.7 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला उस समय सामने आया था, जब महराह पश्चिमी लंदन की एक सड़क पर बेहोशी की हालत में मिली थीं। उनके पास ही उनका तीन साल का बच्चा बिना जूते पहने स्कूटर से खेल रहा था। बच्चा व्यस्त सड़क पर चल रहे वाहनों के बेहद करीब था, जिससे उसकी सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया था।
अदालत में महराह ने बच्चे की देखभाल में लापरवाही करने का अपराध स्वीकार किया। सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि उन्होंने घटना से पहले के दिनों में कोकीन का सेवन किया था। हालांकि, उनके वकील ने दावा किया कि घटना वाले दिन उन्होंने नशा नहीं किया था और वह पहले के नशे के कारण बेहद थकी हुई थीं।
हर महीने मिलते हैं करीब 10 लाख रुपये
32 वर्षीय महराह अल नाहयान शादी के जरिए अबू धाबी के शासक परिवार से जुड़ी हैं। अल नाहयान परिवार को दुनिया के सबसे अमीर और प्रभावशाली शाही परिवारों में गिना जाता है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस परिवार की संपत्ति करीब 300 अरब डॉलर बताई जाती है। UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी इसी परिवार से आते हैं। अबू धाबी संयुक्त अरब अमीरात के सात अमीरात में सबसे बड़ा है और देश का प्रमुख राजनीतिक केंद्र भी है।अदालत की सुनवाई के दौरान बताया गया कि महराह को हर महीने करीब 10 लाख रुपये मिलते हैं। हालांकि, आर्थिक रूप से संपन्न परिवार से संबंध होने के बावजूद उन्हें बच्चे की सुरक्षा से जुड़े मामले में कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
13 जून को सड़क पर बेहोश मिली थीं महराह
यह घटना 13 जून को पश्चिमी लंदन में हुई थी। अदालत में पेश किए गए विवरण के मुताबिक, महराह लोहे की रेलिंग के सहारे बेहोश पड़ी थीं। उनके पास एक अन्य व्यक्ति भी बेहोशी की हालत में मिला था, जबकि उनका तीन साल का बच्चा आसपास अकेला खेल रहा था।
वहां से गुजर रहे लोगों की नजर जब बच्चे पर पड़ी, तो उन्होंने उसकी मदद की। बच्चे को अकेला और व्यस्त सड़क के पास देखकर लोगों ने उसे अपने पास रखा और पुलिस के आने तक उसकी देखभाल की। इस घटना का वीडियो भी बनाया गया था।
अदालत के मुताबिक, महराह करीब 30 मिनट तक बेहोश रहीं। जब उन्हें होश आया, तो उन्होंने वहां मौजूद लोगों से सवाल किया कि वे इतनी चिंता क्यों कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, “यह कोई कत्लखाना नहीं है, आपको इतनी परवाह क्यों है? आप इतने परेशान क्यों हैं?”
घटना के बाद पुलिस ने उनके बैग की तलाशी ली। उसमें नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़ा सामान मिला, लेकिन पुलिस को कोई गैरकानूनी नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ।
वकील ने कहा- घटना वाले दिन नहीं लिया था नशा
अदालत में महराह के वकील स्टीफन वुलो KC ने दलील दी कि उन्होंने घटना वाले दिन कोकीन का सेवन नहीं किया था। उनके मुताबिक, महराह ने इससे पहले के दिनों में नशा किया था और उसी वजह से वह बेहद थकी हुई थीं।वकील ने अदालत को बताया कि महराह को अपनी गलती का एहसास है और वह नशे की लत से छुटकारा पाना चाहती हैं। इसी उद्देश्य से वह इलाज भी करा रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनका तीन महीने का उपचार अक्टूबर के आखिर तक पूरा होने की योजना थी।
इलाज के बाद महराह गिल्डफोर्ड इलाके में घर किराए पर लेने की योजना बना रही हैं। वहां रहकर वह दिन के समय इलाज जारी रखेंगी और नशे की लत से उबरने में मदद करने वाले समूह नारकोटिक्स एनोनिमस की बैठकों में भी हिस्सा लेंगी।घटना के बाद से वह सरे के वोकिंग इलाके में स्थित प्रायरी क्लिनिक में नशे की लत का उपचार करा रही हैं। उनके वकील ने कहा कि महराह समझती हैं कि उस दिन उनसे बहुत बड़ी गलती हुई थी और वह अपनी जिंदगी में बदलाव लाना चाहती हैं।
जज ने कहा- बच्चे की जान भी जा सकती थी
साउथवार्क क्राउन कोर्ट में मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान महराह ने बच्चे की देखभाल में लापरवाही करने का अपराध स्वीकार किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जज जेरेमी जॉनसन ने कहा कि जब महराह बेहोश थीं, तब बच्चा ऐसी स्थिति में था, जिसमें उसकी जान तक जा सकती थी।
जज के मुताबिक, बच्चा व्यस्त सड़क पर भटक सकता था, कहीं खो सकता था या किसी अनजान व्यक्ति के हाथों नुकसान का शिकार हो सकता था। इस घटना से बच्चा डर भी सकता था और उसकी सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता था।अदालत ने माना कि नशे से जुड़ी परिस्थितियों के बीच तीन साल के बच्चे को बिना जूतों के सड़क के पास अकेला छोड़ना उसकी सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही थी।
दो साल तक रिहैब प्रोग्राम में रहना होगा
अदालत ने महराह को दो साल तक रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम में शामिल होने और करीब 7.7 लाख रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई। इस फैसले का उद्देश्य बच्चे की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली लापरवाही के लिए जवाबदेही तय करना और महराह को अपनी नशे की समस्या से उबरने के लिए प्रेरित करना है।यह मामला इस बात को भी रेखांकित करता है कि किसी भी बच्चे की देखभाल में सुरक्षा सबसे अहम जिम्मेदारी है। आर्थिक स्थिति या शाही परिवार से संबंध होने के बावजूद, बच्चे को खतरे में डालने वाले व्यवहार के लिए अदालत में जवाब देना पड़ सकता है।

