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होर्मुज रूट खुलने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट, वीडियो में देंखे 13% तक सस्ता हुआ क्रूड ऑयल

होर्मुज रूट खुलने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट, वीडियो में देंखे 13% तक सस्ता हुआ क्रूड ऑयल

वैश्विक ऊर्जा बाजार में शुक्रवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला जब Iran द्वारा होर्मुज रूट को कॉमर्शियल जहाजों के लिए पूरी तरह खोलने की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इस फैसले का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ा और क्रूड ऑयल के दाम लगभग 13% तक गिर गए।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार, 17 अप्रैल को कच्चे तेल की कीमत करीब 13 डॉलर घटकर 86 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। इससे एक दिन पहले तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल 99.39 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था। यह गिरावट एक ही दिन में आई बड़ी राहत के रूप में देखी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज रूट वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिससे दुनिया का एक बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का परिवहन करता है। इस मार्ग के खुलने से सप्लाई चेन में आई अनिश्चितता कम हुई है, जिसके कारण कीमतों में तेजी से गिरावट देखी गई है।

उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में तनाव के चलते तेल की कीमतों में पिछले महीनों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया था। 28 फरवरी को जब क्षेत्र में संघर्ष की शुरुआत हुई थी, तब कच्चे तेल की कीमत लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल थी। लेकिन तनाव बढ़ने के साथ 9 मार्च को यह कीमत उछलकर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। उस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति बाधित होने की आशंका काफी बढ़ गई थी।

तेल की कीमतों में इस तेज उछाल के बाद दुनियाभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की आशंका जताई जा रही थी। भारत सहित कई देशों में उपभोक्ताओं को महंगे ईंधन का डर सताने लगा था। हालांकि, अब कीमतों में आई गिरावट से यह चिंता काफी हद तक कम होती दिख रही है।

ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण रहेगा, बल्कि महंगाई पर भी कुछ हद तक राहत मिल सकती है।

हालांकि, विश्लेषकों का यह भी मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार अभी पूरी तरह स्थिर नहीं है और किसी भी भू-राजनीतिक तनाव के कारण कीमतों में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसलिए आने वाले समय में बाजार की दिशा काफी हद तक पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक कूटनीतिक फैसलों पर निर्भर करेगी।

फिलहाल, होर्मुज रूट के खुलने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई यह गिरावट वैश्विक बाजार के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखी जा रही है।

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