अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश! 19 साल का युवक गिरफ्तार, राइफल और 300 गोलियां बरामद; भारतीयों को मारने की देता था धमकी
अमेरिका के इलिनॉय राज्य में नवरात्रि के दौरान एक हिंदू मंदिर पर कथित हमले की साजिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने 19 वर्षीय अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह 11 अक्टूबर को भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाना चाहता था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी हथियार लेकर ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर पहुंचा था। हालांकि, उसकी राइफल में खराबी आने के कारण वह कथित तौर पर अपने इरादे को अंजाम नहीं दे पाया।इस मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि संबंधित मंदिर में छुट्टी के दिनों में हजारों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। आरोपी के पास से राइफल, भरी हुई मैगजीन और सैकड़ों कारतूस मिलने की जानकारी सामने आई है। मामले की जांच में अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी FBI भी स्थानीय पुलिस की मदद कर रही है।
65 किलोमीटर गाड़ी चलाकर मंदिर पहुंचा आरोपी
रिपोर्ट के मुताबिक, पापोराकिस अपने घर से लगभग 65 किलोमीटर की दूरी तय करके ऑरोरा स्थित बालाजी मंदिर पहुंचा था। इस मंदिर में छुट्टी के दिनों में 3,000 से अधिक श्रद्धालुओं के आने की बात कही गई है।आरोप है कि युवक अपने साथ राइफल और बड़ी संख्या में गोलियां लेकर आया था। हालांकि, हथियार में खराबी आने के कारण वह कथित हमले को अंजाम नहीं दे सका और वहां से लौट गया।मामले की जांच कर रही एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने हमले की योजना कब बनाई थी और क्या इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
दोस्त को भेजे हथियार के फोटो, फिर पुलिस तक पहुंची जानकारी
बताया गया है कि घर लौटने के बाद आरोपी ने अपने एक दोस्त को मैसेज भेजकर घटना के बारे में बताया। उसने हथियार की तस्वीरें और अपनी तस्वीर भी भेजी थीं।
मैसेज देखने के बाद उसके दोस्त ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के घर से राइफल, कई भरी हुई मैगजीन और लगभग 300 राउंड गोलियां मिलने की जानकारी भी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने इंटरनेट पर राइफल की खराबी ठीक करने का तरीका भी खोजा था।
भारतीयों के खिलाफ नस्लभेदी बातें करने का आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पापोराकिस अपने सहकर्मियों के सामने भारतीयों के खिलाफ नस्लभेदी टिप्पणियां करता था। उस पर भारतीय मूल के लोगों को मारने की बातें करने का भी आरोप है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उसने अपने दोस्तों से 11 अक्टूबर के दिन के खास होने की बात कही थी। पुलिस को उसके घर से मिली एक जैकेट पर ऐसा प्रतीक भी मिला, जिसे कथित तौर पर श्वेत नस्ल की श्रेष्ठता में विश्वास रखने वाले चरमपंथी समूहों से जोड़ा जाता है।
हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों और सबूतों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
आरोपी पर गंभीर आरोप, अदालत ने हिरासत में रखने का आदेश दिया
पापोराकिस पर आतंकवादी धमकी देने और गैरकानूनी तरीके से हथियार रखने सहित आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, उसकी अगली पेशी 30 अक्टूबर को निर्धारित है।
मामले की जांच में FBI स्थानीय पुलिस की सहायता कर रही है। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि कथित साजिश के पीछे नस्लीय नफरत की क्या भूमिका थी और क्या आरोपी ने पहले भी किसी संभावित हमले की तैयारी की थी।
भारतीय कॉन्सुलेट ने अमेरिकी पुलिस की कार्रवाई की सराहना की
शिकागो स्थित भारतीय कॉन्सुलेट ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अमेरिकी पुलिस की सराहना की है। कॉन्सुलेट ने कहा कि वह हिंदू धार्मिक स्थल को निशाना बनाने की कथित साजिश से जुड़े मामले पर नजर रख रहा है।
यह मामला अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाला है। ऐसे मामलों में समय पर सूचना देना और जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करना अहम भूमिका निभा सकता है।
ओहायो में भी हिंदू मंदिर पर हमले की घटना आई थी सामने
अमेरिका में हिंदू मंदिरों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2 अक्टूबर 2026 को ओहायो राज्य के रिचमंड हाइट्स में स्थित श्री स्वामीनारायण वडताल धाम मंदिर की खिड़कियों पर ईंटें फेंकी गई थीं।
घटना के समय मंदिर के अंदर पुजारी और श्रद्धालु मौजूद थे। हालांकि, किसी के घायल होने की सूचना नहीं थी। पुलिस ने एक संदिग्ध की पहचान की थी। उस समय अधिकारियों ने कहा था कि घटना के पीछे धार्मिक या नस्लीय नफरत होने का कोई प्रमाण नहीं मिला था और जांच जारी थी।
इस घटना और इलिनॉय में सामने आई कथित साजिश को अलग-अलग मामलों के रूप में देखना जरूरी है, क्योंकि दोनों की जांच और परिस्थितियां अलग हैं।
अमेरिका में हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की पुरानी घटनाएं
नॉर्थ अमेरिका के हिंदू समुदाय से जुड़े संगठनों ने अमेरिका में मंदिरों में तोड़फोड़ और हिंदुओं के खिलाफ कथित नफरत की घटनाओं पर चिंता जताई है। उपलब्ध रिपोर्टों में पिछले कुछ वर्षों की कई घटनाओं का उल्लेख किया गया है।
-
अगस्त 2022: न्यूयॉर्क के क्वींस स्थित श्री तुलसी मंदिर में महात्मा गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की घटना सामने आई थी।
-
दिसंबर 2023: कैलिफोर्निया के नेवार्क स्थित SMVS श्री स्वामीनारायण मंदिर की दीवारों पर नफरत भरे संदेश लिखे जाने की खबर आई थी।
-
सितंबर 2024: न्यूयॉर्क के मेलविल और कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो क्षेत्र में स्थित BAPS मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं।
-
मार्च 2025: कैलिफोर्निया के चिनो हिल्स स्थित BAPS मंदिर को नुकसान पहुंचाने और वहां आपत्तिजनक संदेश लिखे जाने की रिपोर्ट आई थी।
इन घटनाओं के पीछे की परिस्थितियां और जांच के निष्कर्ष अलग-अलग रहे हैं। इसलिए हर मामले में धार्मिक या नस्लीय नफरत को कारण मानने से पहले संबंधित पुलिस जांच और आधिकारिक जानकारी को देखना जरूरी है।
अमेरिका में इमिग्रेशन पर बहस के बीच भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर सवाल
अमेरिका में इमिग्रेशन और विदेशी नागरिकों की भूमिका राजनीतिक बहस के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। चुनावी माहौल में प्रवासियों, नौकरियों और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे अक्सर चर्चा में रहते हैं। ऐसे माहौल में भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा और उनके खिलाफ नस्लीय भेदभाव की शिकायतों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।रिपोर्ट में एक भारतवंशी रेस्तरां संचालक के हवाले से दावा किया गया है कि कुछ लोग भारतीय कारोबारों पर नजर रखते हैं। हालांकि, ऐसे दावों की व्यापकता और उनके पीछे की वजहों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित करना जरूरी है।
इसी तरह, भारतीयों के खिलाफ हेट क्राइम के मामलों में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की आशंका और नवंबर तक मामलों की संख्या 58 हजार तक पहुंचने के दावे का उल्लेख किया गया है। इन आंकड़ों को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि संबंधित रिपोर्ट किस अवधि, किस परिभाषा और किस डेटा स्रोत पर आधारित है। आधिकारिक पुष्टि के बिना इन्हें निश्चित आंकड़े के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा क्यों है अहम?
धार्मिक स्थल केवल पूजा-अर्चना के स्थान नहीं होते, बल्कि वे समुदाय के लोगों के मिलने, त्योहार मनाने और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के केंद्र भी होते हैं। ऐसे स्थानों को निशाना बनाने की धमकी से श्रद्धालुओं में डर पैदा हो सकता है।इलिनॉय में सामने आया मामला जांच के अधीन है। पुलिस और संघीय एजेंसियों की जांच से यह स्पष्ट होगा कि आरोपी की योजना कितनी विस्तृत थी और उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में किस तरह साबित किया जाता है।

