PoK विधानसभा चुनाव के पहले चरण में सुस्त मतदान का दावा, वीडियो में जाने कई इलाकों में बहिष्कार; मुजफ्फराबाद की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान संपन्न हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में कुछ मतदान केंद्रों पर बेहद कम भीड़ दिखाई देने का दावा किया गया है। हालांकि, मतदान प्रतिशत को लेकर पाकिस्तान प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो में मतदान केंद्रों पर केवल चुनाव कर्मी मौजूद दिखाई दे रहे हैं, जबकि मतदाता नजर नहीं आ रहे। इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कई क्षेत्रों में मतदान के बहिष्कार का दावा
रिपोर्ट्स के अनुसार, पीओके के कई इलाकों में लोगों ने चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार किया। स्थानीय संगठनों और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों पर ध्यान दिए बिना चुनाव कराए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों पर चुनाव अधिकारियों की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।चुनाव आयोग या संबंधित सरकारी एजेंसियों द्वारा आधिकारिक मतदान प्रतिशत जारी होने के बाद ही वास्तविक मतदान की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
चुनाव के बीच तेज हुआ विरोध प्रदर्शन
मतदान के साथ ही पीओके में विरोध प्रदर्शन भी तेज हो गए हैं। प्रदर्शनकारी चुनाव प्रक्रिया और पाकिस्तान सरकार की नीतियों के विरोध में राजधानी मुजफ्फराबाद की ओर मार्च कर रहे हैं।रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रशासन ने आंदोलन को रोकने के लिए कई प्रदर्शनकारी नेताओं को हिरासत में लिया है। कुछ नेता गिरफ्तारी से बचने के लिए भूमिगत हो गए हैं, जबकि अन्य पुंछ डिवीजन के मुख्यालय रावलाकोट में धरना स्थलों से आंदोलन जारी रखे हुए हैं।
हिंसक झड़पों में कई लोगों की मौत का दावा
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही पाकिस्तान सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक जानकारी जारी की गई है।कई इलाकों में लगातार धरने, सड़क जाम और सुरक्षा बलों की तैनाती के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं।
आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार
फिलहाल सबसे बड़ी नजर मतदान प्रतिशत और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आधिकारिक आंकड़ों पर है। पाकिस्तान प्रशासन या चुनाव आयोग की ओर से मतदान के अंतिम आंकड़े और चुनाव से संबंधित विस्तृत जानकारी जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पहले चरण में वास्तविक मतदान कितना हुआ और चुनावी प्रक्रिया कितनी सफल रही।इस बीच, चुनाव के साथ जारी विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा स्थिति को देखते हुए पीओके का राजनीतिक माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है।

