काठमांडू में हाहाकार! सड़कों पर गाड़ियों का हुजूम, टनल रेस्क्यू के लिए विदेशी एक्सपर्ट्स की मदद
नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं. बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में मरने वालों की संख्या 1100 के पार पहुंच गई है. राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक 12 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि करीब 4 हजार लोगों से अब भी संपर्क नहीं हो पाया है. लापता लोगों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.टीम भी कई दिनों से नेपाल में ग्राउंड जीरो पर मौजूद है और वहां के हालात की लगातार जानकारी दे रही है. रसुवा जिले के धुनचे इलाके में अलग-अलग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए अमेरिका से विशेषज्ञों की एक टीम भी नेपाल पहुंची है.
अमेरिकी विशेषज्ञों को उन सुरंगों तक ले जाया जाएगा, जहां कई दिनों से बचाव अभियान चल रहा है. टीम आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता की मदद से सुरंगों में फंसे लोगों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश करेगी.
काठमांडू जाने के लिए लंबी कतार
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों के लिए काठमांडू पहुंचना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है. लोगों को हेलिकॉप्टर के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है. हेलिकॉप्टर सेवा के लिए बड़ी संख्या में लोग कतार में खड़े हैं और अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं.
1114 शव बरामद, 95 की हुई पहचान
नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के मुताबिक, बुधवार सुबह 9 बजे तक बाढ़ में बहने वाले 1,114 शव बरामद किए जा चुके थे. इनमें सबसे ज्यादा 348 शव दक्षिणी चितवन जिले से मिले हैं.
इसके बाद नवलपरासी ईस्ट से 217, नवलपरासी वेस्ट से 190, नुवाकोट से 155, गोरखा से 66, धाडिंग से 59, रसुवा से 41 और तनहुं से 38 शव बरामद किए गए हैं. इन आंकड़ों में अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए शरीर के अंग भी शामिल हैं.
अधिकारियों के अनुसार, अब तक 95 शवों की पहचान की जा चुकी है और उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है.
करीब 4000 लोगों से संपर्क नहीं
NDRRMA के मुताबिक, 3,916 लोगों से अभी संपर्क नहीं हो पा रहा है. इनमें सरकारी कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, निर्वाचित प्रतिनिधि, विदेशी नागरिक, विदेशी पर्यटकों के साथ यात्रा कर रहे नेपाली नागरिक, स्थानीय निवासी और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले मजदूर शामिल हैं.
हालांकि, लापता लोगों की संख्या को लेकर NDRRMA और नेपाल पुलिस के आंकड़ों में अंतर है. नेपाल पुलिस के अनुसार, बुधवार सुबह 8 बजे तक 4,858 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई थी. इनमें 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.
कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
रसुवा जिले में कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. अपर त्रिशूली-3ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, लांगटांग खोला हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, त्रिशूली-3बी और अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
इन प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में मलबा भरने और रास्ते बंद होने के कारण बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद टीमें लगातार सुरंगों तक पहुंचने और अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रही हैं.
रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में भी बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की सूचना है. मंगलवार तक वहां लापता बताए गए 91 लोगों का कोई सुराग नहीं मिल पाया था. अब अमेरिकी विशेषज्ञों की टीम के पहुंचने के बाद सुरंगों में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन को नई तकनीकी मदद मिलने की उम्मीद है.

