BREAKING: Nigeria Plane Crash: 32 लोगों को लेकर जा रहा सैन्य विमान नदी के पास क्रैश, 3 दिन का राष्ट्रीय शोक
नाइजीरिया के दक्षिणी हिस्से में सोमवार सुबह एक सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में कुल 32 लोग सवार थे, जिनमें 25 यात्री और 7 क्रू मेंबर शामिल थे. हादसा ओंडो राज्य के इग्बोकोंडा शहर के पास हुआ, जहां विमान नदी के किनारे गिरा.
हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया. दुर्घटना में कितने लोगों की मौत हुई या कितने लोग घायल हुए, इसकी तत्काल आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी.
Lagos जा रहा था विमान, अचानक रडार से हुआ गायब
नाइजीरिया के एविएशन मिनिस्टर फेस्टस कीयामो के मुताबिक विमान एक नियमित मिशन के तहत देश के आर्थिक केंद्र लागोस की ओर जा रहा था. स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे विमान का रडार से संपर्क टूट गया.
बाद में अधिकारियों को जानकारी मिली कि विमान एक नौसैनिक बेस के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ है. स्थानीय लोगों के मुताबिक विमान नदी के नजदीक गिरा और उसका कुछ हिस्सा पानी में चला गया.
प्रत्यक्षदर्शी अकिनबुलेजो पियस ने बताया कि उन्होंने पहले तेज आवाज सुनी. उन्हें लगा कि शायद बिजली गिरी है. इसके बाद उन्होंने विमान को पेड़ों के ऊपर से गुजरते हुए नीचे गिरते देखा. घटनास्थल पर कपड़े, जूते और मलबे के साथ शरीर के कुछ हिस्से मिलने की जानकारी भी सामने आई.
राष्ट्रपति टिनुबू ने 3 दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया
हादसे के बाद नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टिनुबू ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की. इस दौरान देशभर में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाने का आदेश दिया गया.
राष्ट्रपति ने हादसे में प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और एयरफोर्स को दुर्घटना की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सैन्यकर्मी देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं और उनके बलिदान को याद रखा जाएगा.
ATR-42 विमान का हुआ हादसा
नाइजीरियाई एयरफोर्स के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त विमान ATR-42 था. इस तरह के विमानों का इस्तेमाल सैन्य अभियानों में अलग-अलग भूमिकाओं के लिए किया जाता है.
नाइजीरियाई सेना ATR-42 का इस्तेमाल निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने के अलावा सैनिकों और सामान के परिवहन जैसे कामों में करती रही है. हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
नदी में गिरने से रेस्क्यू टीम के सामने बढ़ी चुनौती
विमान का कुछ हिस्सा पानी में जाने के कारण राहत और बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण हो गया. पानी में दुर्घटना के बाद रेस्क्यू टीम को मलबे और विमान में फंसे लोगों की तलाश के लिए विशेष उपकरणों की जरूरत पड़ सकती है.
तेज बहाव: नदी का बहाव मलबे को हादसे वाली जगह से दूर ले जा सकता है.
कम विजिबिलिटी: गंदे या गहरे पानी में गोताखोरों को आसपास की चीजें देखने में परेशानी होती है.
विमान का डूबना: विमान का हिस्सा पानी में जाने के बाद उसकी स्थिति बदल सकती है, जिससे अंदर तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है.
मलबे का खतरा: टूटे हुए धातु के हिस्से, सीटें और अन्य सामान रेस्क्यू टीम के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं.
नदी की गहराई: नदी की गहराई और तल में मौजूद कीचड़ या पत्थर गोताखोरों के काम को कठिन बना सकते हैं.
ईंधन का रिसाव: विमान से ईंधन या अन्य पदार्थ पानी में फैलने की स्थिति में रेस्क्यू टीम को अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाने पड़ सकते हैं.
ऐसे मामलों में सोनार जैसे उपकरणों की मदद से पानी के भीतर विमान और मलबे की स्थिति का पता लगाने की कोशिश की जाती है.
Nigeria में पहले भी हुए हैं बड़े विमान हादसे
नाइजीरिया का विमान हादसों का इतिहास भी गंभीर रहा है. पिछले वर्षों में देश में कई यात्री विमानों के साथ दुर्घटनाएं हुई हैं.
2005 में Bellevue Airlines हादसा: अक्टूबर 2005 में लागोस से अबुजा जा रहा विमान उड़ान भरने के कुछ समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. हादसे में 117 लोगों की मौत हुई थी.
2005 में Sosoliso Airlines हादसा: दिसंबर 2005 में अबुजा से पोर्ट हारकोर्ट जा रहा विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ. इसमें 109 लोगों की जान गई थी.
2006 में ADC Airlines हादसा: अक्टूबर 2006 में अबुजा से पोर्ट हारकोर्ट जा रहा विमान क्रैश हुआ था. विमान में सवार सभी 114 लोगों की मौत हो गई थी.
2012 में Dana Air दुर्घटना: जून 2012 में अबुजा से लागोस जा रहा विमान लागोस के रिहायशी इलाके में गिर गया था. विमान में सवार 153 लोगों की मौत हुई थी और जमीन पर मौजूद लोग भी इसकी चपेट में आए थे.
नए हादसे की जांच में विमान के रडार से गायब होने से लेकर क्रैश की वास्तविक वजह और तकनीकी स्थिति तक कई पहलुओं की जांच की जाएगी.

