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BREAKING : पाकिस्तान में सेना का खूनी खेल! इमरान खान के समर्थकों पर ताबड़तोड़ गोलियां, KP में इमरजेंसी लागू होने से मचा तहलका

BREAKING : पाकिस्तान में सेना का खूनी खेल! इमरान खान के समर्थकों पर ताबड़तोड़ गोलियां, KP में इमरजेंसी लागू होने से मचा तहलका

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की खबर सामने आई है। इस दौरान पुलिस की कार्रवाई में कई लोग घायल हो गए। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, गोली लगने और पत्थरबाजी में 11 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। वहीं, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के एक स्थानीय नेता ने दावा किया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोलियां चलाईं और पार्टी के एक दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए।

समाचार एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना मंगलवार को बारा शहर में हुई, जहां इमरान खान के समर्थक प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस, लाठियों और हवाई फायरिंग का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, PTI नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और समर्थकों में टकराव

रिपोर्ट के मुताबिक, बारा शहर में 200 से ज्यादा लोग प्रदर्शन में शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारियों की मांग इमरान खान की रिहाई और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराना था।

पुलिस के एक खुफिया अधिकारी ने AFP को बताया कि प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठियों का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी दोबारा एकजुट हो गए और कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की।

अधिकारी के अनुसार, दूसरे पुलिसकर्मियों ने अपने साथियों को बचाने के लिए हवा में गोलियां चलाईं। प्रदर्शनकारियों पर हथियार छीनने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस का दावा है कि भीड़ को हटाने के लिए आगे भी हवाई फायरिंग की गई।

दूसरी तरफ, PTI के स्थानीय नेता खुर्शीद अफरीदी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सीधे भीड़ को निशाना बनाया। दोनों पक्षों के दावों में अंतर होने के कारण घटना के पूरे हालात की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

सरकारी इमारत में आगजनी और तोड़फोड़ का आरोप

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान आपातकालीन सेवाओं के एक कार्यालय में तोड़फोड़ की गई और एक सरकारी इमारत में आग लगा दी गई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बारा से 50 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी।

पुलिस का आरोप है कि गिरफ्तार लोगों पर आतंकवादी गतिविधियों, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में शामिल होने का संदेह है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल को लेकर विवाद

इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल लागू किए जाने की खबर ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है।

संघीय सरकार का आरोप है कि प्रांत की PTI सरकार उग्रवादी हिंसा को रोकने में नाकाम रही है। सरकार का कहना है कि बिगड़ती सुरक्षा स्थिति से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने जरूरी हैं।

वहीं, PTI ने आपातकाल लागू करने का विरोध किया है। पार्टी का आरोप है कि यह कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने और प्रांत की चुनी हुई सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश है।

प्रांत में PTI का मजबूत राजनीतिक आधार रहा है। ऐसे में इमरान खान की रिहाई को लेकर चल रहे आंदोलन और पुलिस की कार्रवाई ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।

मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को हिरासत में लेने का दावा

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने सोमवार को कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री को गिरफ्तार नहीं किया गया है। हिरासत में लिए जाने के कारणों और परिस्थितियों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई।

PTI नेता खुर्शीद अफरीदी के मुताबिक, सोहेल अफरीदी के समर्थन में बारा में 800 से ज्यादा प्रदर्शनकारी जुटे थे। इस घटनाक्रम के बाद प्रांत में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की आशंका है।

इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार समेत कई मामलों में आरोप लगाए गए हैं। पाकिस्तान में सरकार और सेना के खिलाफ हुए प्रदर्शनों तथा दंगों के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज हुई थी।

इमरान खान और उनकी कानूनी टीम ने आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि ये मामले राजनीति से प्रेरित हैं और इमरान खान को राजनीतिक रूप से कमजोर करने के उद्देश्य से दर्ज किए गए हैं।

इमरान खान पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट कप्तान भी रहे हैं और देश में उनकी बड़ी राजनीतिक लोकप्रियता है। उनकी गिरफ्तारी के बाद से PTI समर्थक लगातार उनकी रिहाई की मांग करते रहे हैं।

गिलगित-बाल्टिस्तान में भी व्यापारियों का विरोध

पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में भी सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। यहां व्यापारियों ने टैक्स नीतियों और 'फूड एक्ट 2022' को लागू करने के विरोध में बाजार बंद किए।

व्यापारियों का आरोप है कि नए नियमों के तहत सख्त फीस, अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और टैक्स संबंधी प्रावधानों से स्थानीय कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उनका कहना है कि महंगाई और आर्थिक दबाव के बीच इन नीतियों से कारोबार करना और मुश्किल हो सकता है।

व्यापारी संगठनों ने सरकार से इन प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

पाकिस्तान में बढ़ती राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियां

खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव तथा गिलगित-बाल्टिस्तान में व्यापारियों के विरोध से पाकिस्तान में राजनीतिक और आर्थिक असंतोष की तस्वीर सामने आती है।

एक तरफ इमरान खान की रिहाई को लेकर PTI समर्थक आंदोलन कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ स्थानीय कारोबारी टैक्स और आर्थिक नीतियों का विरोध कर रहे हैं। अब नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान सरकार इन विरोध प्रदर्शनों से कैसे निपटती है और क्या राजनीतिक तनाव कम करने के लिए कोई बातचीत या समझौते की पहल होती है।

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