अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर गहराया बड़ा संकट: इजराइल पहुंची फ्लाइट को बम की धमकी, 11 देशों के पायलटों पर गिरी गाज
अमेरिका के न्यूयॉर्क से इजराइल के तेल अवीव पहुंची डेल्टा एयरलाइंस की एक फ्लाइट को मंगलवार को बम की धमकी मिली। इसके बाद विमान को खाली कराया गया और सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी तलाशी ली। जांच के दौरान विमान में कोई विस्फोटक नहीं मिला।यह घटना ऐसे समय हुई है, जब इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस के पायलटों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा जांच सख्त कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में एक फ्लाईदुबई फ्लाइट में हुई गंभीर घटना के बाद इजराइल ने 11 देशों के नागरिक पायलटों और क्रू मेंबर्स को लेकर नए प्रतिबंध लागू किए हैं।
इथियोपियन एयरलाइंस के विमान को पहले नहीं मिली थी लैंडिंग की अनुमति
डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट को धमकी मिलने से एक दिन पहले इजराइल ने इथियोपियन एयरलाइंस के एक कार्गो विमान को उतरने की अनुमति नहीं दी थी। बताया गया कि विमान के पायलट की नागरिकता को लेकर सुरक्षा संबंधी आपत्ति थी।विमान के क्रू की जानकारी इजराइल को उड़ान भरने के बाद भेजी गई थी। इसके चलते अधिकारियों को उड़ान से पहले पूरी जानकारी नहीं मिल सकी। बाद में पायलट बदलने और अनुमति मिलने के बाद विमान के इजराइल जाने का रास्ता साफ हुआ।रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान में काफी ईंधन होने के कारण वजन कम करने के लिए समुद्र के ऊपर ईंधन गिराना पड़ा, ताकि वह सुरक्षित तरीके से वापस लौट सके।
इन 11 देशों के पायलटों और क्रू पर सख्ती
रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल ने जिन 11 देशों के नागरिकों को लेकर पायलट और कॉकपिट क्रू से जुड़े प्रतिबंध लगाए हैं, उनमें शामिल हैं:
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अफगानिस्तान
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अल्जीरिया
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इंडोनेशिया
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ईरान
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इराक
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कुवैत
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नाइजर
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कतर
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सऊदी अरब
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सोमालिया
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वेनेजुएला
बताया गया है कि इन देशों के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। नियमों के तहत दोहरी नागरिकता रखने वाले कुछ कर्मचारियों पर भी प्रतिबंध लागू हो सकते हैं। हालांकि, इन प्रतिबंधों के सटीक दायरे और लागू होने की शर्तों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में क्या हुआ था?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर दो पायलटों के बीच गंभीर हिंसक घटना हुई थी। बताया गया कि एक पायलट ने दूसरे पायलट पर हमला कर दिया, जिसके बाद विमान की सुरक्षा को लेकर स्थिति गंभीर हो गई।
अन्य पायलटों ने स्थिति संभालने में मदद की और विमान को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर आपात स्थिति में उतारा गया। घटना के बाद घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर को अस्पताल ले जाने की खबरें भी सामने आई थीं।
इस घटना ने विदेशी एयरलाइंस के क्रू की जांच और विमानन सुरक्षा प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े किए।
सुरक्षा जांच में कमियों को लेकर पहले भी उठे थे सवाल
इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां पहले भी विदेशी एयरलाइंस के कर्मचारियों की जांच में कमियों को लेकर चिंता जता चुकी थीं। सवाल यह था कि इजराइल आने वाली उड़ानों के पायलटों और दूसरे क्रू मेंबर्स की पृष्ठभूमि की पर्याप्त जांच हो रही है या नहीं।
इसके बाद परिवहन मंत्रालय ने एयरलाइंस को सुरक्षा उपायों, आंतरिक प्रक्रियाओं और जोखिम से निपटने की योजनाओं का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि मंत्रालय नियमों के अनुपालन की जांच कर सकता है।
इजराइल के किन अरब देशों से राजनयिक संबंध हैं?
इजराइल के पांच अरब देशों के साथ राजनयिक संबंध हैं:
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मिस्र: 1979 में इजराइल के साथ शांति समझौता करने वाला पहला अरब देश।
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जॉर्डन: 1994 में इजराइल के साथ शांति समझौता किया।
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संयुक्त अरब अमीरात (UAE): 2020 के अब्राहम समझौते के तहत संबंध सामान्य किए।
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बहरीन: 2020 में अब्राहम समझौते के तहत इजराइल के साथ संबंध सामान्य किए।
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मोरक्को: दिसंबर 2020 में इजराइल के साथ संबंध सामान्य करने पर सहमति जताई।
इन देशों के साथ राजनयिक संबंध होने के बावजूद क्षेत्रीय सुरक्षा और फिलिस्तीन के मुद्दे पर अलग-अलग देशों के रुख में मतभेद बने हुए हैं।

