SBI Research रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा, जाने अगर रूस से तेल नहीं खरीददता है भारत तो कितना नफा कितना नुकसान ?
ट्रेड डील और टैरिफ को लेकर भारत और अमेरिका के बीच चल रही खींचतान खत्म हो गई है। इस डील से भारतीय अर्थव्यवस्था को काफी फायदा होगा, और कच्चे तेल के मामले में वेनेजुएला के साथ बढ़ती नज़दीकी से भी काफी बचत होगी। वेनेजुएला से तेल खरीद पर SBI रिसर्च की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अगर भारत रूस के बजाय वेनेजुएला से 'हेवी क्रूड' की खरीद बढ़ाता है, तो देश सालाना $3 बिलियन (लगभग ₹27,081 करोड़) की बड़ी बचत कर सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला का हेवी क्रूड तेल (जैसे मेरे 16) अभी लगभग $51 प्रति बैरल पर ट्रेड हो रहा है। अगर भारत को प्रति बैरल $10-12 की छूट मिलती है, तो ट्रांसपोर्टेशन लागत के बावजूद यह आर्थिक रूप से बहुत फायदेमंद होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह फायदा तभी होगा जब वेनेजुएला का कच्चा तेल इतनी प्रतिस्पर्धी कीमत पर उपलब्ध हो कि अतिरिक्त ट्रांसपोर्टेशन और हैंडलिंग लागत की भरपाई हो सके।
इससे रूस पर निर्भरता कम होगी। यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि यूक्रेन युद्ध के बाद से, भारत अपनी तेल ज़रूरतों का लगभग 30% रूस से खरीद रहा है। हालांकि, हालिया 'भारत-अमेरिका ट्रेड डील' और अमेरिकी रुख में बदलाव के बाद, भारत के पास अब वेनेजुएला जैसे वैकल्पिक स्रोतों की ओर रुख करने का मौका है।
मज़बूत रुपया और नियंत्रित महंगाई संभव
भारत के इस फैसले से तेल आयात बिल और चालू खाता घाटा (CAD) कम होगा, जिससे भारतीय रुपया मज़बूत हो सकता है। इसके अलावा, कम ऊर्जा लागत से घरेलू महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियाँ (HPCL, BPCL) वेनेजुएला के हेवी क्रूड तेल को रिफाइन करने में सक्षम हैं, जिससे इस बदलाव को लागू करना आसान हो जाएगा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वेनेजुएला भौगोलिक रूप से भारत से काफी दूर है। भारत और वेनेजुएला के बीच भौगोलिक दूरी मध्य पूर्व की दूरी से लगभग 5 गुना और रूस की दूरी से 2 गुना ज़्यादा है। हालांकि, SBI रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर वेनेजुएला से खरीदे गए तेल पर पर्याप्त छूट मिलती है, तो यह दूरी और लॉजिस्टिक्स लागत को कवर कर लेगी।

