बेटे की हत्या की कोशिश! नेतन्याहू ने ईरान पर लगाया गंभीर आरोप, सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान ने उनके परिवार को निशाना बनाया था और उनके दो बेटों में से एक की हत्या की कोशिश भी की गई। उन्होंने यह बात सोमवार को इंटरव्यू में कही। हालांकि नेतन्याहू ने यह नहीं बताया कि किस बेटे को निशाना बनाया गया, घटना कब हुई और कथित साजिश कितनी आगे बढ़ी थी।
चुनाव से पहले सुरक्षा का मुद्दा गरम
नेतन्याहू ने यह बयान ऐसे समय दिया है जब इजराइल में आगामी चुनाव से पहले प्रधानमंत्री और दूसरे राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा को लेकर बहस चल रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को मिलने वाली सुरक्षा किसी तरह की ऐशोआराम की सुविधा नहीं, बल्कि मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों में जरूरी इंतजाम है।
नेतन्याहू के दो बेटे याइर और अवनर हैं। याइर लंबे समय से सोशल मीडिया पर अपनी राजनीतिक टिप्पणियों के कारण चर्चा में रहते हैं, जबकि अवनर इजराइल में रहते हैं।
याइर की सुरक्षा पर पहले भी उठे सवाल
नेतन्याहू के बड़े बेटे याइर को लेकर पहले भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ चुके हैं। वह ज्यादातर समय अमेरिका के मियामी में रहते हैं, लेकिन उन्हें इजराइली सुरक्षा एजेंसी शिन बेट के सुरक्षाकर्मियों की सुरक्षा मिलने को लेकर आलोचना हुई है।सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 2018 से 2023 के बीच याइर, अवनर और उनकी मां सारा नेतन्याहू की सुरक्षा पर बड़ी रकम खर्च हुई थी। आलोचकों ने सवाल उठाया था कि विदेश में रहने वाले वयस्क बेटे की सुरक्षा का खर्च सरकारी स्तर पर क्यों उठाया जा रहा है।
नेतन्याहू के घरों की सुरक्षा पर भी भारी खर्च
नेतन्याहू की सुरक्षा व्यवस्था केवल उनके साथ चलने वाले सुरक्षाकर्मियों तक सीमित नहीं है। उनके निजी और सरकारी आवासों में भी विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जाते हैं।
2024 में इजराइल के स्टेट कंट्रोलर की रिपोर्ट में नेतन्याहू के यरुशलम और कैसरिया स्थित घरों की सुरक्षा पर हुए भारी खर्च का उल्लेख किया गया था। इसमें घरों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए विशेष निर्माण और अन्य इंतजाम भी शामिल थे।हालांकि नेतन्याहू के परिवार के साथ हर समय कितने सुरक्षाकर्मी रहते हैं और उनकी सुरक्षा की पूरी व्यवस्था क्या है, इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती।
चुनाव हारने पर भी सुरक्षा जारी रहने का फैसला
नेतन्याहू परिवार की सुरक्षा का मुद्दा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जुलाई 2026 में एक मंत्रीस्तरीय समिति ने नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा को आजीवन सुरक्षा देने का फैसला किया था। दोनों बेटों के लिए भी कम से कम पांच साल तक सुरक्षा जारी रखने का निर्णय लिया गया।इस फैसले के बाद यह सवाल उठा कि अगर नेतन्याहू चुनाव हार भी जाते हैं, तब भी उनके परिवार को सरकारी सुरक्षा क्यों और कितने समय तक मिलेगी।
नेतन्याहू के घर को पहले भी बनाया गया था निशाना
नेतन्याहू के परिवार पर खतरे का मामला नया नहीं है। अक्टूबर 2024 में लेबनान से आया एक ड्रोन कैसरिया स्थित उनके निजी आवास तक पहुंच गया था। उस समय नेतन्याहू और उनकी पत्नी घर पर मौजूद नहीं थे और किसी के घायल होने की खबर नहीं थी।हमले की जिम्मेदारी हिज्बुल्लाह ने ली थी। नेतन्याहू ने उस घटना को अपने और परिवार के खिलाफ हमले की कोशिश बताया था।
ईरान से जुड़े तनाव के बीच नया दावा
नेतन्याहू का ताजा दावा ऐसे समय आया है जब इजराइल और ईरान के बीच तनाव बेहद गंभीर बना हुआ है। उन्होंने अपने बेटे को निशाना बनाए जाने के कथित प्रयास का कोई विस्तृत सबूत सार्वजनिक नहीं किया है और ईरानी पक्ष की ओर से इस आरोप पर तत्काल प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई।

