बांग्लादेश में नहीं थम रहे हिंदुओं पर हमले! इस बार शिक्षक के घर को किया आग के हवाले, देखे खौफनाक वीडियो
बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा घटना सिलहट जिले के गोवाईनघाट उप-जिले की है, जहां एक हिंदू टीचर के घर में आग लगा दी गई। इस घटना से इलाके में हिंदू समुदाय के बीच डर और असुरक्षा का माहौल और गहरा गया है। बताया जा रहा है कि जिस घर को निशाना बनाया गया, वह स्थानीय टीचर बीरेंद्र कुमार डे का है, जिन्हें 'झुनू सर' के नाम से जाना जाता है। खबर है कि कुछ अज्ञात लोगों ने रात में उनके घर में आग लगा दी, जिससे पूरा घर जलकर खाक हो गया।
आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद परिवार के सदस्यों को तुरंत भागना पड़ा। गनीमत रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन घर और उसमें रखा सारा सामान पूरी तरह से जल गया। अभी यह साफ नहीं है कि आग जानबूझकर लगाई गई थी या इसके पीछे कोई और मकसद था।
Much like how Hindu homes were earmarked and selectively targeted in West Bengal’s Murshidabad, another chilling, targeted attack on a Hindu family has taken place in Bangladesh.
— Amit Malviya (@amitmalviya) January 16, 2026
The house of teacher Birendra Kumar Dey (“Jhunu Sir”) in Gowainghat, Sylhet has been set on fire,… pic.twitter.com/iYcZNGJk0s
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें जलता हुआ घर और परिवार के सदस्य भागते हुए साफ दिख रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद, स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने गुस्सा जाहिर किया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस हमले ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय समुदाय का कहना है कि ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न होने से हमलावरों का हौसला बढ़ रहा है।
हिंदू परिवारों को निशाना बनाया गया
पिछले कुछ हफ्तों में, बांग्लादेश के अलग-अलग हिस्सों से हिंदू परिवारों को निशाना बनाने की कई घटनाएं सामने आई हैं। दिसंबर के आखिर में, पीरोजपुर जिले में एक हिंदू परिवार के घर को जला दिया गया था, जबकि चटगांव के राउजान इलाके में प्रवासी हिंदू परिवारों के घरों को निशाना बनाकर आगजनी की घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं से पूरे देश में अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता
इन लगातार हो रही घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय चिंता भी पैदा की है। मानवाधिकार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। फिलहाल, सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी और गंभीरता से कार्रवाई करेगा।

