ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज, वीडियो में देखें अमेरिका ने सैन्य विकल्पों पर बढ़ाई हलचल
ईरान में बीते दो हफ्तों से सरकार विरोधी प्रदर्शनों का सिलसिला लगातार जारी है। देश के कई प्रमुख शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर मौजूदा सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। इन प्रदर्शनों ने न केवल ईरान की आंतरिक राजनीति को झकझोर दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल मचा दी है। खासतौर पर अमेरिका की सक्रियता ने इस संकट को और गंभीर बना दिया है।
अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान पर संभावित सैन्य हमलों से जुड़े विकल्पों की ब्रीफिंग दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती है या हिंसा का सहारा लेती है, तो राष्ट्रपति ट्रम्प सैन्य कदम उठाने पर गंभीरता से विचार कर सकते हैं। हालांकि अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल राष्ट्रपति ने इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
अमेरिकी प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, व्हाइट हाउस लगातार ईरान की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ईरान की मौजूदा स्थिति का जिक्र करते हुए लिखा, “ईरान आजादी की ओर देख रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ। अमेरिका मदद के लिए तैयार है।” ट्रम्प के इस बयान को ईरान के आंतरिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप माना जा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच पहले से चले आ रहे तनाव के और बढ़ने की आशंका है।
ईरान में जारी प्रदर्शनों के पीछे आर्थिक संकट, बेरोजगारी, महंगाई और राजनीतिक आज़ादी की मांग जैसे मुद्दे बताए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी सरकार पर भ्रष्टाचार और जनहित की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं। कई जगहों पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की खबरें भी सामने आई हैं, हालांकि ईरानी सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है।
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को सख्त चेतावनी दी है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर कालिबाफ ने रविवार को बयान जारी करते हुए कहा कि अगर अमेरिका या इजराइल ने ईरान पर किसी भी तरह का हमला किया, तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और किसी भी आक्रामक कार्रवाई का कड़ा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
यदि अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप की ओर बढ़ता है, तो इससे पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है। ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव पहले से ही अपने चरम पर है, ऐसे में कोई भी सैन्य कदम हालात को और बिगाड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें वॉशिंगटन और तेहरान पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह संकट किस दिशा में आगे बढ़ता है।

