अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के घर पर हमला, वीडियो में देखें खिड़कियां टूटीं, एक संदिग्ध को पकडा
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के ओहियो राज्य के सिनसिनाटी शहर में स्थित आवास पर हमले की खबर से देश की सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। अमेरिकी मीडिया नेटवर्क CNN ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि उपराष्ट्रपति के घर की खिड़कियां तोड़ दी गई हैं। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है। हालांकि राहत की बात यह है कि घटना के समय जेडी वेंस और उनका परिवार घर पर मौजूद नहीं था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना रविवार रात करीब 12:15 बजे के आसपास हुई। इसी दौरान उपराष्ट्रपति के घर के पास एक व्यक्ति को संदिग्ध हालत में भागते हुए देखा गया था। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और पूरे इलाके को घेर लिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमलावर घर के अंदर घुसने में सफल नहीं हो सका, लेकिन उसने बाहर से खिड़कियों को नुकसान पहुंचाया।
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, उससे पूछताछ की जा रही है। फिलहाल उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह हमला जानबूझकर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस या उनके परिवार को निशाना बनाकर किया गया था, या फिर इसके पीछे कोई व्यक्तिगत या अन्य कारण है। इस घटना को लेकर अभी तक किसी संगठन या व्यक्ति ने जिम्मेदारी नहीं ली है।
अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि उपराष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की सुरक्षा से जुड़ा मामला बेहद गंभीर है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या संदिग्ध व्यक्ति अकेला था या उसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।
घटना के बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। उनके आवास और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि देश के शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के वर्षों में अमेरिका में राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ा है, जिसके चलते सार्वजनिक पदों पर बैठे नेताओं के खिलाफ धमकियों और हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस घटना का किसी राजनीतिक मकसद से कोई संबंध है या नहीं।
फिलहाल जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की असली वजह साफ हो सकेगी। इस बीच, अमेरिकी प्रशासन ने आम लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

