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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दुनिया को चेतावनी, बोले- ईरान से तेल खरीदने वालों पर लगेगा प्रतिबंध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ परमाणु समझौता तो करना चाहते हैं, लेकिन अपनी शर्तों पर और मामला यहीं अटकता नजर आ रहा है। दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते पर अप्रत्यक्ष वार्ता स्थगित होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को.....
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ परमाणु समझौता तो करना चाहते हैं, लेकिन अपनी शर्तों पर और मामला यहीं अटकता नजर आ रहा है। दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते पर अप्रत्यक्ष वार्ता स्थगित होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर धमकी दी है और कहा है कि जो भी देश या व्यक्ति ईरान से तेल या पेट्रोकेमिकल खरीदेगा, उसे तत्काल अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। ट्रम्प ने गुरुवार, 1 मई को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा, "ईरानी तेल या पेट्रोकेमिकल उत्पादों की सभी खरीद अब बंद होनी चाहिए! ईरान से किसी भी मात्रा में तेल या पेट्रोकेमिकल खरीदने वाले किसी भी देश या व्यक्ति पर तुरंत द्वितीयक प्रतिबंध लगाए जाएंगे।"

उन्होंने कहा, "उन्हें (जो ईरान से तेल खरीदते हैं) किसी भी तरह से अमेरिका के साथ व्यापार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस मामले पर ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद।" समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में पदभार ग्रहण करने के बाद से ट्रम्प ने ईरान के विरुद्ध "अधिकतम दबाव" की रणनीति अपनाई है, जिसमें तेल निर्यात पर कड़े प्रतिबंध और सैन्य कार्रवाई की धमकी शामिल है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने गुरुवार को कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच रोम में शनिवार को होने वाली अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता का चौथा दौर मध्यस्थ ओमान के अनुरोध पर स्थगित कर दिया गया है। इसके बाद ही ट्रंप की चेतावनी आई और ऐसा लग रहा है कि वह ईरान पर वार्ता से पीछे हटने का दबाव बना रहे हैं। इस्माइल बाघई ने देश के "वैध और कानूनी" हितों की रक्षा करने तथा ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव को समाप्त करने के लिए कूटनीति का उपयोग करने के ईरान के दृढ़ संकल्प की पुष्टि की। पोप फ्रांसिस की मृत्यु के बाद नए पोप का चुनाव करने के लिए वेटिकन अगले सप्ताह अपना सम्मेलन शुरू करेगा, रोम में ही यह वार्ता होनी थी। ओमान की राजधानी मस्कट में अमेरिका-ईरान वार्ता के दो अन्य दौर हो चुके हैं।

ट्रम्प दबाव में हैं

वार्ता में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर जोर दिया गया है। बदले में, अमेरिका ईरान पर लगाए गए कुछ आर्थिक प्रतिबंधों को हटा देगा। वार्ता का नेतृत्व ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ ने किया।

ट्रम्प ने बार-बार धमकी दी है कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ तो वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाकर हवाई हमले करेंगे। साथ ही, ईरानी अधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि वे हथियार स्तर के करीब संवर्धित यूरेनियम के भंडार के साथ परमाणु हथियार बनाने का प्रयास कर सकते हैं।

गौरतलब है कि विश्व शक्तियों ने संयुक्त रूप से 2015 में ईरान के साथ परमाणु समझौता किया था और इस प्रकार तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित कर दिया गया था। हालाँकि, ट्रम्प ने 2018 में राष्ट्रपति के रूप में एकतरफा रूप से अमेरिका को इससे अलग कर लिया था।

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