ट्रंप की एप्पल को चेतावनी, बोलें-अमेरिका में आईफोन बनाएं या 25% आयात शुल्क चुकाएं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को एक बार फिर व्यापार युद्ध की अटकलों को हवा दे दी। उन्होंने 1 जून से यूरोपीय संघ से सभी आयातों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने तथा एप्पल के आईफोन सहित अमेरिका से बाहर के सभी स्मार्टफोनों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। उनके बयान से वैश्विक बाजारों में हलचल मच गई है।
#WATCH | Washington, DC: US President Donald Trump announced 25% tariffs on iPhones manufactured outside the US
— ANI (@ANI) May 23, 2025
US President Donald Trump says, " It would be more. It would also be Samsung and anybody that makes that product. Otherwise, it wouldn't be fair...when they build… pic.twitter.com/mo6t8PMlGd
सोशल मीडिया पर एक संदेश में डोनाल्ड ट्रम्प ने यूरोपीय संघ पर निशाना साधा और कहा कि व्यापार वार्ता रुक गई है। उनके साथ हमारी चर्चा किसी नतीजे पर नहीं पहुंच रही है। उन्होंने यूरोपीय संघ पर अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया तथा इस बात पर जोर दिया कि यूरोप में अमेरिकी उत्पादों पर प्रतिबंध है।
ट्रम्प की एप्पल को चेतावनी
ट्रम्प ने एप्पल को यह भी चेतावनी दी कि उसे आईफोन का विनिर्माण घरेलू स्तर पर ही करना होगा। अन्यथा उसे नये टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने एप्पल के सीईओ टिम कुक से काफी समय पहले कहा था कि उत्पाद अमेरिका में ही बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह भारत में एक संयंत्र बनाने जा रहे हैं। मैंने कहा कि भारत जाना ठीक है, लेकिन आप इसे यहां बिना टैरिफ के नहीं बेच पाएंगे। यदि वे अमेरिका में आईफोन बेचने जा रहे हैं, तो मैं चाहता हूं कि यह अमेरिका में ही बनाया जाए।
एप्पल वर्तमान में चीनी टैरिफ से बचने के लिए अपने आईफोन का अधिकांश निर्माण भारत में स्थानांतरित कर रहा है, लेकिन विनिर्माण को अमेरिका में स्थानांतरित करने की कोई सार्वजनिक योजना नहीं है। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका में आईफोन बनाने से कीमतों में सैकड़ों से हजारों डॉलर की बढ़ोतरी होगी।
ट्रम्प ने बाद में स्पष्ट किया कि स्मार्टफोन टैरिफ मोटे तौर पर एप्पल, सैमसंग और जून के अंत तक पेश किए जाने वाले किसी भी विदेशी फोन पर लागू होंगे। पिछले वर्ष यूरोपीय संघ ने अमेरिका को 500 बिलियन डॉलर मूल्य का सामान निर्यात किया, जिसमें जर्मनी, आयरलैंड और इटली अग्रणी रहे। 50 प्रतिशत टैरिफ से कार, फार्मास्यूटिकल्स और विमान जैसे उत्पादों पर असर पड़ेगा, जिससे अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ जाएगी।
यूरोपीय संघ के व्यापार प्रमुख मारोस सेफकोविक ने शांति की अपील की और आपसी सम्मान का आह्वान किया, जबकि डच प्रधानमंत्री डिक स्कोफ ने कहा कि टैरिफ की धमकियां पहले भी अमेरिकी वार्ता रणनीति का हिस्सा रही हैं।
वैश्विक बाजार में उथल-पुथल
ट्रंप के बयान के बाद बाजार में उथल-पुथल मच गई है। अमेरिकी और यूरोपीय शेयरों में गिरावट देखी गई है। ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और निवेशकों की चिंता के बीच सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा, एप्पल के शेयरों में 3 प्रतिशत की गिरावट आई है।

