60 साल में पहली बार अल-अक्सा मस्जिद नमाज के लिए बंद, वीडियो में देखें मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच पाबंदियां
दुनियाभर में आज ईद का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, लेकिन मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने इस खुशी के माहौल को प्रभावित कर दिया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच पिछले 22 दिनों से जारी युद्ध के चलते क्षेत्र में तनाव चरम पर है, जिसका असर धार्मिक आयोजनों पर भी देखने को मिल रहा है।
इजराइल के यरुशलम स्थित अल-अक्सा मस्जिद को ईद की नमाज के लिए बंद कर दिया गया है। यह 1967 के अरब-इजराइल युद्ध के बाद पहली बार है, जब इस पवित्र स्थल को पूरी तरह से बंद किया गया है। अल-अक्सा मस्जिद इस्लाम धर्म के लिए मक्का और मदीना के बाद तीसरा सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। इस फैसले ने दुनियाभर के मुस्लिम समुदाय में चिंता और नाराजगी दोनों को जन्म दिया है।
वहीं, ईरान में शुक्रवार को ईद मनाई गई, लेकिन वहां भी जश्न का माहौल अपेक्षाकृत फीका नजर आया। युद्ध और तनावपूर्ण हालात के कारण बाजारों में रौनक कम रही और कई स्थानों पर गतिविधियां सामान्य दिनों की तुलना में धीमी रहीं। आमतौर पर ईद के मौके पर जहां बाजारों में चहल-पहल रहती है, वहीं इस बार हालात अलग दिखाई दिए।
खाड़ी देशों जैसे कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत में आज ईद मनाई जा रही है। हालांकि, यहां भी सुरक्षा कारणों और क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए कुछ पाबंदियां लागू की गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन देशों में खुले मैदानों में नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
ईद के मौके पर आमतौर पर मस्जिदों और खुले स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करते हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। कई जगहों पर पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर न केवल राजनीतिक और सैन्य स्तर पर, बल्कि सामाजिक और धार्मिक जीवन पर भी पड़ रहा है। ईद जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर भी इस तरह की पाबंदियां यह दर्शाती हैं कि हालात कितने संवेदनशील हैं।
दुनियाभर के मुस्लिम समुदाय के लिए ईद का पर्व खुशियों और एकता का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस बार कई इलाकों में शांति और सुरक्षा की चिंता इस खुशी पर भारी पड़ती नजर आ रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस तनाव को कम करने और शांति बहाल करने की अपील की है।

