ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम फेल, वीडियो में जाने 1000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसल; Heathrow-Gatwick समेत कई एयरपोर्ट प्रभावित
ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई तकनीकी खराबी के चलते मंगलवार को हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के अनुसार, मंगलवार शाम तक ब्रिटेन आने-जाने वाली 1,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी थीं। वहीं बड़ी संख्या में फ्लाइट्स घंटों देरी से चलीं। इस तकनीकी समस्या का सबसे ज्यादा असर लंदन के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर देखने को मिला।
NATS के सिस्टम में आई तकनीकी खराबी
ब्रिटेन की एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेवा National Air Traffic Services यानी NATS ने बताया कि उसके फ्लाइट डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम में तकनीकी समस्या आई थी। शुरुआत में इस खराबी का असर खास तौर पर उड़ानों के टेकऑफ पर पड़ा। NATS के इंजीनियरों ने सिस्टम को ठीक करने के लिए काम शुरू किया और बाद में संगठन ने बताया कि तकनीकी समस्या को दूर कर लिया गया है। हालांकि, पहले से जमा हुई उड़ानों की बड़ी संख्या के कारण सामान्य संचालन बहाल होने में समय लगा।
Heathrow, Gatwick और Stansted पर असर
तकनीकी खराबी का असर लंदन के हीथ्रो, गैटविक, स्टैनस्टेड और लंदन सिटी एयरपोर्ट पर देखने को मिला। इसके अलावा मैनचेस्टर, बर्मिंघम, ल्यूटन, एडिनबर्ग, ग्लासगो और अन्य एयरपोर्ट्स पर भी उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। हीथ्रो ने कुछ समय के लिए आने वाली उड़ानों को रोक दिया था, जबकि बाद में टेकऑफ दोबारा शुरू किए गए। एयरपोर्ट ने यात्रियों को अपनी एयरलाइन से फ्लाइट की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी।
British Airways और EasyJet की फ्लाइट्स भी प्रभावित
इस तकनीकी समस्या का असर कई बड़ी एयरलाइंस पर पड़ा। British Airways ने कहा कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई खराबी पूरी तरह उसके नियंत्रण से बाहर थी। कंपनी यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुटी रही। EasyJet ने भी बताया कि तकनीकी समस्या के कारण ब्रिटेन के साथ-साथ यूरोप के अन्य हिस्सों में भी उड़ानों पर असर पड़ा।
सिस्टम ठीक, लेकिन सामान्य होने में लगेगा समय
NATS ने बाद में कहा कि उसका सिस्टम अब सामान्य रूप से काम कर रहा है और टीम उड़ानों के बैकलॉग को खत्म करने में जुटी है। हालांकि, एयरपोर्ट्स और एयरलाइंस ने यात्रियों को चेतावनी दी कि तकनीकी समस्या दूर होने के बाद भी कई घंटे तक देरी और कैंसिलेशन का असर जारी रह सकता है। बड़ी संख्या में विमान और क्रू के अपने निर्धारित स्थान पर नहीं पहुंच पाने से पूरे एयर ट्रैफिक नेटवर्क पर इसका असर पड़ा।
ब्रिटेन के परिवहन मंत्रालय ने भी मामले पर नजर रखी है। परिवहन मंत्री हेइडी एलेक्जेंडर ने कहा कि सिस्टम को लेकर जरूरी जवाबदेही तय की जानी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी तकनीकी खराबी से हवाई सेवाएं इस तरह प्रभावित न हों।यह घटना ब्रिटेन के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम को लेकर पहले उठे सवालों को भी फिर चर्चा में ले आई है। 2023 में भी NATS के सिस्टम में बड़ी खराबी के कारण सैकड़ों उड़ानें प्रभावित हुई थीं। अब ताजा घटना के बाद सिस्टम की विश्वसनीयता और आपातकालीन बैकअप व्यवस्था की समीक्षा की मांग तेज हो सकती है।

