8 साल बाद चीन दौरे पर पहुंचे ट्रम्प,बेटा और बहू भी साथ, फुटेज में देखें बीजिंग एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा राजनीतिक नेता Donald Trump बुधवार को आठ साल बाद चीन के आधिकारिक दौरे पर पहुंचे। उनका विशेष विमान एयर फोर्स वन बीजिंग कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा, जहां उनका स्वागत चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग ने गर्मजोशी के साथ किया। हान झेंग को चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping का बेहद भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है और वे पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभा चुके हैं।
एयरपोर्ट पर ट्रम्प के आगमन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जैसे ही उनका विमान रनवे पर उतरा, पूरे परिसर में औपचारिक स्वागत की तैयारियां शुरू हो गईं। इस हाई-प्रोफाइल दौरे को दोनों देशों के बीच रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
स्वागत समारोह का सबसे आकर्षक दृश्य वह था जब लगभग 300 बच्चे नीले और सफेद रंग की यूनिफॉर्म में एयरपोर्ट पर मौजूद थे। ये बच्चे हाथों में अमेरिका और चीन के झंडे लहराते नजर आए। जैसे ही ट्रम्प विमान से बाहर आए, बच्चों ने जोरदार आवाज में मंदारिन भाषा में “वेलकम” के नारे लगाए। यह दृश्य सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बन गया।
इस दौरे में ट्रम्प के साथ उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। उनके बेटे एरिक ट्रम्प और बहू लारा ट्रम्प भी इस यात्रा में शामिल हैं। एयरपोर्ट पर ट्रम्प ने कुछ देर रुककर बच्चों की ओर हाथ हिलाया और स्वागत के इस अनोखे तरीके को स्वीकार किया।
सूत्रों के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और चीन के बीच तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने और आर्थिक-रणनीतिक मुद्दों पर बातचीत को आगे बढ़ाना है। दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर लंबे समय से मतभेद बने हुए हैं, जिन्हें इस यात्रा के दौरान हल करने की कोशिश की जाएगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प और शी जिनपिंग के बीच गुरुवार और शुक्रवार को अलग-अलग दौर की उच्च स्तरीय वार्ता प्रस्तावित है। इन बैठकों में व्यापार नीति, निवेश, टैरिफ, तकनीकी सहयोग और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा केवल औपचारिक मुलाकात नहीं है, बल्कि वैश्विक राजनीति में एक संभावित बदलाव का संकेत भी हो सकता है। अमेरिका और चीन, जो दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ हैं, उनके बीच किसी भी सकारात्मक समझौते का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
हालांकि, दोनों देशों के बीच पिछले वर्षों में तनाव भी बढ़ा है, जिससे यह बातचीत और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि ट्रम्प और शी जिनपिंग की यह मुलाकात किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इससे वैश्विक संबंधों में कोई नया अध्याय जुड़ता है।

