The Great Indian Famine 1899: छप्पनिया अकाल, वीडियो में जाने जिसने भारत को हिला दिया था
राजस्थान की अपराध की दुनिया में एक ऐसा नाम दर्ज है, जिसे आज भी लोग खौफनाक सीरियल किलर के रूप में याद करते हैं। यह नाम था कनपटीमार शंकरिया। महज कुछ महीनों में उसने इतनी हत्याएं कर दी थीं कि पूरे राजस्थान में डर का माहौल बन गया था। शंकरिया पर करीब 70 लोगों की हत्या करने का आरोप था।
हथौड़े से वार करता था, इसलिए पड़ा 'कनपटीमार' नाम
शंकरिया हत्या के लिए हथौड़े का इस्तेमाल करता था। वह अपने शिकार के कान के नीचे और गर्दन के पास हथौड़े से वार करता था। इसी तरीके की वजह से लोगों ने उसे 'कनपटीमार' नाम दिया।बताया जाता है कि वह अक्सर रात के समय लोगों को निशाना बनाता था। उसकी वारदातों के बाद राजस्थान के कई इलाकों में लोगों के बीच डर फैल गया था और लोग रात में बाहर निकलने से भी घबराने लगे थे।
कम उम्र में बना खतरनाक अपराधी
शंकरिया का जन्म साल 1952 में राजस्थान में हुआ था। कम उम्र में ही वह अपराध की दुनिया में पहुंच गया। साल 1977-78 के दौरान उसकी हत्या की घटनाएं सामने आईं। पुलिस जांच के बाद उसे गिरफ्तार किया गया और उसने कई हत्याओं की बात कबूल की।
पुलिस के लिए बना था बड़ी चुनौती
लगातार हो रही हत्याओं ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी थी। हर घटना में एक जैसा तरीका सामने आने के बाद पुलिस ने इसे सीरियल किलिंग से जोड़कर जांच शुरू की। आखिरकार पुलिस शंकरिया तक पहुंचने में सफल रही।
मिली फांसी की सजा
हत्या के मामलों में दोषी पाए जाने के बाद शंकरिया को मौत की सजा सुनाई गई। 16 मई 1979 को जयपुर में उसे फांसी दी गई। बताया जाता है कि फांसी से पहले उसने अपने अपराधों पर पछतावा जताया था।
राजस्थान में आज भी याद है यह नाम
कनपटीमार शंकरिया की कहानी भारतीय अपराध इतिहास की सबसे चर्चित सीरियल किलर घटनाओं में गिनी जाती है। उसके अपराधों ने एक दौर में राजस्थान के लोगों के बीच डर का ऐसा माहौल पैदा कर दिया था, जिसे लंबे समय तक भुलाया नहीं गया।

