Samachar Nama
×

बनने के बाद से अब तक केवल पांच बार छलका Bisalpur Dam, बांध के डूब क्षेत्र में आते हैं 68 गांव

बनने के बाद से अब तक केवल पांच बार छलका Bisalpur Dam, बांध के डूब क्षेत्र में आते हैं 68 गांव

राजस्थान जैसे सूखे प्रदेश में जब कोई बांध लबालब भरकर छलकता है तो यह केवल पानी भरने की घटना नहीं होती, बल्कि लोगों के लिए उम्मीद, खुशहाली और राहत का संदेश लेकर आती है। ऐसा ही नजारा कई बार बीसलपुर बांध में देखने को मिला है। टोंक जिले में बनास नदी पर बना यह बांध प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में शामिल है। निर्माण के बाद से अब तक यह बांध केवल कुछ ही बार पूरी क्षमता तक भर पाया है।

राजस्थान की प्यास बुझाने वाला बांध

बीसलपुर बांध का निर्माण टोंक जिले में बनास नदी पर किया गया। इसका उद्देश्य सिंचाई के साथ-साथ पेयजल उपलब्ध कराना था। वर्ष 1999 में बांध का निर्माण पूरा हुआ। इसके बाद यह जयपुर, अजमेर और टोंक सहित कई बड़े शहरों की जल जरूरतों का प्रमुख स्रोत बन गया।राजधानी जयपुर जैसे बड़े शहर की पेयजल व्यवस्था में बीसलपुर बांध की अहम भूमिका है। मानसून में अच्छी बारिश होने पर जब बांध में पानी की आवक बढ़ती है तो लाखों लोगों के चेहरे पर राहत दिखाई देती है।

अब तक पांच बार छलका बांध

बीसलपुर बांध के इतिहास में इसके छलकने के मौके बेहद खास रहे हैं। बांध बनने के बाद से यह अब तक केवल पांच बार ही ओवरफ्लो हुआ है। हर बार जब बांध का जलस्तर पूर्ण भराव तक पहुंचता है तो आसपास के इलाकों में उत्सव जैसा माहौल बन जाता है।बारिश के अच्छे दौर में बनास नदी में पानी की आवक बढ़ने से बांध के गेट खोलने की स्थिति बनती है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग बांध का खूबसूरत नजारा देखने पहुंचते हैं।

68 गांव आए बांध के डूब क्षेत्र में

बीसलपुर बांध के निर्माण के दौरान कई गांवों को प्रभावित होना पड़ा। बांध के जलभराव क्षेत्र में आने वाले कुल 68 गांव डूब क्षेत्र में शामिल हुए। इन गांवों के लोगों का पुनर्वास किया गया और उन्हें नए स्थानों पर बसाया गया।बांध निर्माण से जहां एक ओर प्रदेश को बड़ा जल स्रोत मिला, वहीं दूसरी ओर कई परिवारों को अपनी जमीन और पुराने गांव छोड़ने पड़े। यह विकास और विस्थापन दोनों पहलुओं को दिखाने वाली कहानी है।

पानी के साथ बढ़ी उम्मीदें

बीसलपुर बांध ने राजस्थान के कई इलाकों में जल संकट को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खासकर जयपुर जैसे शहरों के लिए यह बांध जीवनदायिनी साबित हुआ है।हालांकि, बदलते मौसम और बढ़ती आबादी के कारण जल संरक्षण आज भी बड़ी चुनौती है। विशेषज्ञ लगातार बारिश के पानी को बचाने, भूजल स्तर बढ़ाने और पानी के बेहतर प्रबंधन पर जोर देते हैं।

बीसलपुर सिर्फ बांध नहीं, भरोसे का नाम

बीसलपुर बांध राजस्थान के लिए सिर्फ एक जलाशय नहीं है, बल्कि लाखों लोगों की उम्मीदों का केंद्र है। जब यह बांध छलकता है तो यह संदेश देता है कि पानी का महत्व कितना बड़ा है।रेगिस्तानी प्रदेश राजस्थान में हर बूंद पानी कीमती है और बीसलपुर बांध इस बात का उदाहरण है कि सही योजना और जल प्रबंधन से कठिन परिस्थितियों में भी विकास का रास्ता बनाया जा सकता है।

Share this story

Tags