श्श्श्श कोई है! राजस्थान का एक ऐसा महल जहां दिन ढलने के बाद नहीं रखता कोई कदम, इसलिए मिला था श्राप, वीडियो में देखें पसीनें छुड देने वाली सच्चाई
राजस्थान के अलौकिक रहस्यों में सबसे डरावना नाम है — भानगढ़ का किला। अलवर जिले में अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित यह भव्य महल दिन में इतिहास प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है, लेकिन सूरज ढलते ही यहां सन्नाटा और सिहरन तारी हो जाती है।
क्यों नहीं रखता कोई कदम सूरज ढलने के बाद?
भानगढ़ भारत का एकमात्र ऐसा ऐतिहासिक स्थल है, जहां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) ने बोर्ड लगा रखा है कि "सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले प्रवेश निषेध है।" वजह? डर, रहस्य और वह श्राप जो सदियों पहले यहां बरस पड़ा था।
भानगढ़ का श्राप – रत्नावती और तांत्रिक की कहानी
कहानी के अनुसार, यहां की राजकुमारी रत्नावती अनुपम सौंदर्य की मूरत थीं। एक तांत्रिक सिंधु सेवड़ा उन पर मोहित हो गया। उसने उन्हें वश में करने के लिए तंत्र-मंत्र का सहारा लिया और एक इत्र में मोहिनी विद्या भर दी। लेकिन रत्नावती ने चालाकी से वह इत्र एक पत्थर पर डाल दिया, जो लुढ़कता हुआ तांत्रिक को जा लगा और उसकी मौके पर मौत हो गई। मरते-मरते उसने श्राप दिया – "भानगढ़ तबाह हो जाएगा और रत्नावती कभी अपने प्रेम को नहीं पा सकेगी।"
उसके बाद क्या हुआ… सब कुछ खत्म हो गया।
कहा जाता है कि कुछ ही समय में पूरा भानगढ़ उजड़ गया। महल वीरान हो गया, लोग मारे गए और खुशियों का साम्राज्य मिट्टी में मिल गया। आज भी ये किला शाम होते ही भूतहा एहसासों से भर जाता है।
वीडियो में देखें: भानगढ़ की दीवारों से उठती हैं सिसकियां!
आज भी जो लोग रात में चोरी-छिपे यहां गए, उन्होंने अजीब आवाजें, चीखें, और साये महसूस किए। कई लोग आज तक लापता हैं। वीडियो में कैद हुए दृश्य बताते हैं कि यह सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि ऐसा सच्च है जो आपकी रूह तक को कंपा देगा।
वीडियो में देखें वो खौफनाक सच:
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कौन था तांत्रिक सिंधु सेवड़ा?
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क्यों नहीं मिली राजकुमारी रत्नावती को मुहब्बत?
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रात को कौन सी आत्माएं भटकती हैं महल में?

