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त्योहार पर घर जाने की तैयारी? स्पेशल ट्रेन और रेगुलर ट्रेन में टिकट कराने से पहले जान लें ये बड़े फर्क, नहीं तो होगी परेशानी!

त्योहार पर घर जाने की तैयारी? स्पेशल ट्रेन और रेगुलर ट्रेन में टिकट कराने से पहले जान लें ये बड़े फर्क, नहीं तो होगी परेशानी!

दीवाली की रौनक हो, छठ पूजा की तैयारियां हों या दुर्गा पूजा का उत्साह, त्योहारों के दौरान हर कोई अपने घर पहुंचने की कोशिश करता है। यही वजह है कि त्योहारों के आसपास ट्रेनों में यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। महीनों पहले टिकट बुक करने के बावजूद कई रूट्स पर लंबी वेटिंग लिस्ट देखने को मिलती है।यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे अलग-अलग रूट्स पर फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाता है। इन ट्रेनों का मकसद त्योहारों के दौरान अतिरिक्त यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाना होता है। लेकिन कई यात्रियों के मन में सवाल रहता है कि आखिर रेगुलर ट्रेन और फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन में क्या फर्क होता है? आइए समझते हैं।

किराए में हो सकता है अंतर

रेगुलर ट्रेनों में टिकट का किराया रेलवे के सामान्य टैरिफ के आधार पर तय होता है। वहीं, कुछ स्पेशल ट्रेनों में सामान्य किराए से अलग स्पेशल फेयर लागू हो सकता है।इस वजह से फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन का टिकट संबंधित ट्रेन और श्रेणी के आधार पर रेगुलर ट्रेन से महंगा पड़ सकता है। इसलिए टिकट बुक करने से पहले किराए की तुलना करना बेहतर रहता है।

समय पर पहुंचने में किसे मिलती है प्राथमिकता?

रेगुलर ट्रेनों का संचालन उनके निर्धारित शेड्यूल और रेलवे के तय ऑपरेशनल प्लान के अनुसार किया जाता है। दूसरी ओर, स्पेशल ट्रेनें अतिरिक्त सेवाओं के तौर पर चलाई जाती हैं।रूट पर ट्रैफिक ज्यादा होने की स्थिति में स्पेशल ट्रेनों को कभी-कभी दूसरी ट्रेनों को रास्ता देने के लिए रोकना पड़ सकता है। इसलिए कुछ मामलों में इनके लेट होने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि, ट्रेन का समय और देरी पूरी तरह उस दिन के रेलवे ऑपरेशन पर निर्भर करती है।

कोच और सुविधाओं में भी हो सकता है फर्क

रेगुलर ट्रेनों में ट्रेन के प्रकार के अनुसार आधुनिक LHB कोच, स्लीपर, एसी कोच और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं। वहीं फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों में रेलवे उपलब्ध कोच और रेक के हिसाब से अलग-अलग तरह के डिब्बों का इस्तेमाल कर सकता है।इसी वजह से हर स्पेशल ट्रेन में सुविधाएं एक जैसी हों, यह जरूरी नहीं है। कुछ ट्रेनों में पैंट्री कार की सुविधा भी उपलब्ध नहीं होती। ऐसे में लंबी यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अपना खाना और पानी साथ रखना सुविधाजनक हो सकता है।

आपके लिए कौन-सी ट्रेन बेहतर?

कौन-सी ट्रेन आपके लिए बेहतर है, यह आपकी यात्रा की जरूरत पर निर्भर करता है।अगर आप काफी पहले टिकट बुक कर रहे हैं और बजट का ध्यान रखना चाहते हैं, तो उपलब्धता और किराए के हिसाब से रेगुलर ट्रेन अच्छा विकल्प हो सकती है।वहीं, अगर त्योहार के समय रेगुलर ट्रेनों में टिकट उपलब्ध नहीं है और आपको जरूरी यात्रा करनी है, तो फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन एक उपयोगी विकल्प बन सकती है। टिकट बुक करने से पहले किराया, यात्रा का समय, ट्रेन के कोच और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी जरूर जांच लें।

यूपी-बिहार जाने वालों के लिए खास टिप

दीवाली और छठ पूजा के दौरान यूपी और बिहार जाने वाले रूट्स पर यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में रेलवे की ओर से अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की जा सकती है।अगर आप इन रूट्स पर यात्रा करने वाले हैं, तो IRCTC की वेबसाइट या ऐप और रेलवे की आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए रखें। नई स्पेशल ट्रेन की घोषणा होने पर सीट उपलब्ध होते ही टिकट बुक करना बेहतर रहेगा।

ध्यान रखें: फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का किराया, टाइमिंग, स्टॉपेज और उपलब्ध सुविधाएं ट्रेन के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। टिकट बुक करने से पहले संबंधित ट्रेन की ताजा जानकारी जरूर जांचें।

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