सरिस्का टाइगर रिजर्व घूमने का प्लान बना रहे हैं? 4 मिनट की डॉक्यूमेंट्री में जाने बेस्ट टाइम से लेकर बेस्ट जोन तक सबकुछ
राजस्थान के अलवर जिले में अरावली पर्वतमाला की गोद में स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व भारत के प्रमुख बाघ अभयारण्यों में से एक है। यह न केवल बाघों का सुरक्षित आश्रय स्थल है, बल्कि यहां का प्राकृतिक सौंदर्य, वन्यजीवों की विविधता और ऐतिहासिक स्थलों की मौजूदगी इस जगह को एक परफेक्ट वीकेंड डेस्टिनेशन बना देती है। अगर आप भी सरिस्का की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। यहां हम विस्तार से बताएंगे कि सरिस्का टाइगर रिजर्व कैसे पहुंचे, कब जाएं, और कौन-सा जोन है घूमने के लिए सबसे अच्छा।
सरिस्का टाइगर रिजर्व तक कैसे पहुंचे?
सरिस्का टाइगर रिजर्व की लोकेशन इसे बेहद पहुंच योग्य बनाती है, खासकर दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के पर्यटकों के लिए। यह अलवर शहर से लगभग 37 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
1. सड़क मार्ग (By Road):
सरिस्का सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। दिल्ली से सरिस्का की दूरी लगभग 200 किलोमीटर है और आप कार, टैक्सी या बस के जरिए आराम से वहां तक पहुंच सकते हैं। जयपुर से यह दूरी करीब 110 किलोमीटर है, और रास्ता सुंदर नजारों से भरा हुआ है। अगर आप अलवर शहर तक पहुँचते हैं तो वहां से लोकल टैक्सी या बस द्वारा भी सरिस्का पहुँचा जा सकता है।
2. रेल मार्ग (By Train):
सरिस्का के सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन अलवर है, जो देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। दिल्ली, जयपुर, आगरा और कोटा से सीधी ट्रेनें अलवर तक जाती हैं। अलवर रेलवे स्टेशन से सरिस्का लगभग 37 किलोमीटर दूर है, जिसे आप टैक्सी या बस द्वारा तय कर सकते हैं।
3. हवाई मार्ग (By Air):
सरिस्का का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो यहां से करीब 110 किलोमीटर दूर है। जयपुर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद आप टैक्सी या कैब के ज़रिए सरिस्का पहुंच सकते हैं।
सरिस्का घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit)
सरिस्का टाइगर रिजर्व सालभर खुला रहता है, लेकिन वन्यजीव देखने और मौसम के लिहाज से कुछ महीने सबसे उपयुक्त माने जाते हैं।
1. अक्टूबर से मार्च (सर्दियों का मौसम):
यह समय सरिस्का घूमने के लिए सबसे आदर्श माना जाता है। मौसम ठंडा और सुहावना होता है, जिससे सफारी का अनुभव और भी रोमांचक हो जाता है। बाघ और अन्य जंगली जानवरों की गतिविधियां भी इस समय अधिक देखी जाती हैं।
2. अप्रैल से जून (गर्मियों का मौसम):
हालांकि इस समय तापमान काफी बढ़ जाता है, लेकिन गर्मी के कारण जानवर जलस्रोतों के आसपास ज्यादा नजर आते हैं। अगर आपको गर्मी से परहेज नहीं है, तो यह भी बाघों को देखने का बढ़िया समय हो सकता है।
3. जुलाई से सितंबर (मानसून):
मानसून के दौरान पार्क में हरियाली तो बढ़ जाती है, लेकिन बारिश के कारण सफारी थोड़ी मुश्किल हो सकती है। कई बार रास्ते भी बंद हो जाते हैं। इसलिए मानसून के समय घूमने की योजना बनाते वक्त मौसम का पूर्वानुमान जरूर देखें।
सरिस्का में बेस्ट जोन कौन-सा है?
सरिस्का टाइगर रिजर्व में मुख्यतः तीन जोन हैं – Zone 1, Zone 2, और Zone 3। ये तीनों जोन अलग-अलग रास्तों और वन्य जीवन के अनुभवों के लिए जाने जाते हैं।
1. Zone 1 (Tehla Zone):
यह सबसे नया जोन है और अब काफी प्रसिद्ध हो चुका है। यहां जंगल की गहराई, शांत वातावरण और बाघों की अच्छी गतिविधियाँ देखने को मिलती हैं। यह जोन कम भीड़भाड़ वाला है, जिससे जंगल सफारी अधिक शांतिपूर्ण हो जाती है।
2. Zone 2 (Sariska Gate Zone):
यह मुख्य एंट्री गेट के पास का जोन है और सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला जोन भी यही है। यहां बाघ, तेंदुआ, चीतल, नीलगाय, और सांभर जैसे जानवरों के अलावा कई प्रकार के पक्षी भी देखे जा सकते हैं।
3. Zone 3 (Pandupol Zone):
यह जोन पांडुपोल हनुमान मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। धार्मिक और प्राकृतिक दोनों दृष्टिकोण से यह जोन बेहद खास है। हालांकि यह मुख्यत: धार्मिक पर्यटकों के लिए ज्यादा जाना जाता है, लेकिन रास्ते में वन्यजीवों की झलक भी मिल जाती है।
कुछ जरूरी टिप्स:
ऑनलाइन बुकिंग करें: सरिस्का की सफारी के लिए अग्रिम बुकिंग करें क्योंकि खासकर वीकेंड पर स्लॉट जल्दी भर जाते हैं।
सुबह-सुबह की सफारी बेस्ट रहती है, क्योंकि उस समय जानवरों की मूवमेंट ज्यादा होती है।
कैमरा और बाइनोक्युलर साथ रखें, क्योंकि यहां पक्षियों की भी कई दुर्लभ प्रजातियां देखी जा सकती हैं।
स्थानीय गाइड की मदद लें, वे जंगल के रास्तों, जानवरों की गतिविधियों और रोचक जानकारी से आपका अनुभव बेहतर बना सकते हैं।
सरिस्का टाइगर रिजर्व केवल एक जंगल नहीं, बल्कि एक ऐसी जगह है जहां प्रकृति, इतिहास और रोमांच का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। सही समय, सही ज़ोन और अच्छी योजना के साथ आप यहां एक यादगार सफारी अनुभव ले सकते हैं। तो अगर आप भी बाघों की दहाड़, पक्षियों की चहचहाहट और हरियाली की गोद में समय बिताना चाहते हैं, तो सरिस्का जरूर जाएं – और हां, कैमरा मत भूलिएगा!

