पितृ पक्ष 2026 शुरू, गया जी में पिंडदान के लिए उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब, दिल्ली से ऐसे पहुंचें
पितृ पक्ष 2026 की शुरुआत आज यानी 26 सितंबर, शनिवार से हो गई है और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा। पितृ पक्ष की इस अवधि में लोग अपने पूर्वजों को याद करते हुए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक कर्म करते हैं। मान्यता है कि इस दौरान पितरों का स्मरण और उनके नाम से किए गए धार्मिक कार्यों से उनका आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है।
पितृ पक्ष के दौरान बिहार के गया जी धाम में देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। गया को पिंडदान और पितृ कर्म के प्रमुख धार्मिक स्थलों में माना जाता है।
अगर आप भी इस साल दिल्ली से गया जी जाकर पिंडदान या श्राद्ध करने का प्लान बना रहे हैं, तो ट्रेन, सड़क और हवाई यात्रा—तीनों विकल्प आपके पास मौजूद हैं। आइए जानते हैं दिल्ली से गया पहुंचने का पूरा तरीका।
दिल्ली से गया ट्रेन से कैसे पहुंचें?
दिल्ली से गया जाने के लिए ट्रेन सबसे लोकप्रिय और सुविधाजनक विकल्पों में से एक है। गया रेलवे स्टेशन देश के प्रमुख रेल मार्गों से जुड़ा हुआ है और दिल्ली समेत कई बड़े शहरों से यहां ट्रेनें आती-जाती हैं।
दिल्ली से गया के बीच चलने वाली ट्रेनों में महाबोधि एक्सप्रेस प्रमुख विकल्पों में शामिल है। इसके अलावा पुरुषोत्तम एक्सप्रेस भी गया जंक्शन से होकर गुजरती है।
राजधानी एक्सप्रेस के जरिए भी दिल्ली और गया के बीच रेल कनेक्टिविटी मिलती है। इनमें सियालदह राजधानी, कोलकाता राजधानी, भुवनेश्वर राजधानी और रांची राजधानी जैसी ट्रेनें शामिल हैं।
ट्रेन के प्रकार के अनुसार यात्रा का समय अलग-अलग हो सकता है। राजधानी जैसी तेज ट्रेनों से सफर करीब 12 घंटे के आसपास हो सकता है, जबकि कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को लगभग 15 से 17 घंटे लग सकते हैं।
पितृ पक्ष के दौरान गया जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है, इसलिए टिकट की उपलब्धता और ट्रेन का समय पहले से चेक करना बेहतर रहेगा।
दिल्ली से गया सड़क मार्ग से कैसे पहुंचें?
अगर आप ट्रेन की बजाय सड़क मार्ग से जाना चाहते हैं, तो दिल्ली से गया की यात्रा लंबी जरूर है, लेकिन सड़क नेटवर्क के जरिए गया देश के कई हिस्सों से जुड़ा हुआ है।
ग्रैंड ट्रंक रोड गया के नजदीक डोभी से होकर गुजरती है। सड़क मार्ग से गया का संपर्क दिल्ली, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, कोलकाता और बिहार के कई प्रमुख शहरों से है।
एक अन्य विकल्प यह है कि पहले पटना पहुंचा जाए और फिर वहां से गया की यात्रा की जाए। पटना से गया की दूरी करीब 120 किलोमीटर है। पटना से गया के लिए बस, टैक्सी, कैब और ट्रेन जैसे विकल्प मिल जाते हैं।
अगर परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं तो अपनी सुविधा और बजट के हिसाब से सड़क मार्ग का विकल्प भी चुना जा सकता है।
दिल्ली से गया फ्लाइट से कैसे पहुंचें?
अगर आप कम समय में गया पहुंचना चाहते हैं, तो हवाई यात्रा सबसे तेज विकल्पों में से एक हो सकती है। गया में गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जहां देश और विदेश के लिए उड़ान सेवाएं संचालित होती हैं।
दिल्ली से गया के लिए उपलब्ध फ्लाइट को अपनी यात्रा की तारीख के अनुसार पहले से चेक करना जरूरी है, क्योंकि पितृ पक्ष के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है।
अगर दिल्ली से गया के लिए सुविधाजनक सीधी फ्लाइट उपलब्ध न हो, तो एक विकल्प पटना एयरपोर्ट तक हवाई यात्रा करना और वहां से सड़क या ट्रेन के जरिए गया पहुंचना हो सकता है।
गया जी में ही पिंडदान क्यों किया जाता है?
गया जी को हिंदू धार्मिक परंपरा में पितृ कर्म के लिए महत्वपूर्ण तीर्थस्थल माना जाता है। पितृ पक्ष के दौरान यहां बड़ी संख्या में लोग अपने दिवंगत माता-पिता, दादा-दादी और अन्य पूर्वजों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गया जी में पिंडदान करने से पितरों को विशेष फल प्राप्त होता है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होने की मान्यता है। यही वजह है कि पितृ पक्ष के दौरान गया में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में भी गया क्षेत्र को पितृ कर्म के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। हालांकि, मोक्ष या पितरों की आत्मा को मिलने वाले फल से जुड़ी बातें धार्मिक मान्यताओं का हिस्सा हैं, इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाता।
यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान
पितृ पक्ष के दौरान गया में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ सकती है। ऐसे में अगर आप दिल्ली से गया जाने की तैयारी कर रहे हैं तो ट्रेन या फ्लाइट की बुकिंग पहले से कर लेना, होटल या ठहरने की व्यवस्था समय रहते तय करना और स्थानीय पिंडदान व्यवस्था की जानकारी पहले लेना सुविधाजनक रहेगा।
साथ ही यात्रा की तारीख के अनुसार ट्रेन, फ्लाइट और स्थानीय परिवहन का ताजा शेड्यूल जरूर जांच लें, क्योंकि समय और सेवाओं में बदलाव हो सकता है।
इस पितृ पक्ष में अगर आप गया जी जाकर अपने पितरों के लिए श्राद्ध या पिंडदान करने की योजना बना रहे हैं, तो दिल्ली से गया पहुंचने के लिए आपके पास ट्रेन, सड़क और हवाई यात्रा—तीनों विकल्प मौजूद हैं।

