सिर्फ पर्यटक नहीं Mount Abu की खूबसूरती पर फ़िदा हुआ बॉलीवुड, वीडियो में जानिए यहां किन फिल्मों की हो चुकी है शूटिंग ?
राजस्थान का माउंट आबू केवल एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल ही नहीं है, बल्कि बॉलीवुड का भी पसंदीदा शूटिंग डेस्टिनेशन बन चुका है। पहाड़ियों से घिरा, हरा-भरा और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर माउंट आबू राजस्थान के रेगिस्तानी राज्य में शीतलता का अहसास कराता है। यही कारण है कि न सिर्फ देश-विदेश से हजारों सैलानी यहां आते हैं, बल्कि कई नामी फिल्मकारों और डायरेक्टर्स ने भी अपनी फिल्मों की शूटिंग के लिए इस रमणीय स्थल को चुना है।राजस्थान की बात करें तो ज्यादातर लोग रेगिस्तान, हवेलियों और ऊँटों की छवि अपने ज़ेहन में लाते हैं, लेकिन माउंट आबू इस सोच को पूरी तरह बदल देता है। यह राजस्थान का इकलौता हिल स्टेशन है, जो अरावली पर्वत श्रृंखला में स्थित है। इसकी ऊँचाई लगभग 1,220 मीटर है और यहां का मौसम सालभर सुहावना बना रहता है। यही ठंडक और प्राकृतिक सुंदरता इसे फिल्मों की शूटिंग के लिए आदर्श स्थल बनाती है।
फिल्मों का पसंदीदा डेस्टिनेशन क्यों है माउंट आबू?
बॉलीवुड में लोकेशन का चयन किसी भी फिल्म की आत्मा होता है। जहां कहानी में जान डालने के लिए खूबसूरत बैकड्रॉप चाहिए होता है, वहीं माउंट आबू हर एंगल से इस जरूरत को पूरा करता है। यहाँ झीलें हैं, पहाड़ हैं, घने जंगल हैं और ऐतिहासिक मंदिर भी, जो फिल्मों में विविधता लाने के लिए उपयुक्त हैं। साथ ही, यहां पर लोगों का सहयोग, प्रशासन की सहूलियत और अपेक्षाकृत कम खर्च भी फिल्मकारों को आकर्षित करता है।
इन बड़ी फिल्मों की हो चुकी है शूटिंग
माउंट आबू की खूबसूरती का असर बॉलीवुड पर इतना पड़ा कि कई सुपरहिट फिल्मों के दृश्य यहीं फिल्माए गए। सबसे पहले 1960 और 70 के दशक में माउंट आबू का उपयोग किया गया जब यहां सीमित संसाधनों के बावजूद कैमरा कैद करने के लिए प्राकृतिक खूबसूरती भरपूर थी।
राजा हिन्दुस्तानी (1996)
आमिर खान और करिश्मा कपूर की इस ब्लॉकबस्टर फिल्म के कई दृश्य माउंट आबू में शूट किए गए थे। विशेषकर उनकी रोमांटिक झील की सीन और पहाड़ी रास्तों वाले सीन आज भी दर्शकों को याद हैं।
हम साथ साथ हैं (1999)
सूरज बड़जात्या की इस पारिवारिक फिल्म में माउंट आबू के कई हिस्सों को खूबसूरती से फिल्माया गया। फिल्म के कुछ मुख्य हिस्से जैसे परिवार की आउटिंग और कुछ गीत अरावली की खूबसूरत वादियों में शूट हुए थे।
दिल ही दिल में (2000)
मधुर संगीत और खूबसूरत लोकेशन वाली इस फिल्म में भी माउंट आबू का प्राकृतिक सौंदर्य नजर आया। फिल्म के कई गाने और रोमांटिक दृश्य यहां फिल्माए गए थे।
बॉबी (1973)
राज कपूर की यह क्लासिक फिल्म भी माउंट आबू से जुड़ी है। माउंट आबू के शांत झीलों और पहाड़ी रास्तों को "बॉबी" के कुछ सीन में बखूबी दर्शाया गया था।
नया दौर और अन्य पुरानी क्लासिक्स
पुरानी हिंदी फिल्मों में भी माउंट आबू की झलक दिखती है। उस दौर में जब पहाड़ी लोकेशन्स तक पहुंचना मुश्किल होता था, तब माउंट आबू एक सुलभ और सुंदर विकल्प बन गया था।
आधुनिक वेब सीरीज़ और टीवी शोज़ भी पीछे नहीं
केवल बड़े पर्दे तक सीमित नहीं, माउंट आबू अब वेब सीरीज और टीवी सीरियल्स के लिए भी हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। कई ट्रैवल डॉक्यूमेंट्री, क्राइम बेस्ड शोज और म्यूजिक वीडियो यहां शूट हो चुके हैं।हाल ही में कुछ क्षेत्रीय फिल्मों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के प्रोजेक्ट्स भी यहां फिल्माए गए हैं, जो स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने में मददगार साबित हो रहे हैं।
फिल्म शूटिंग से स्थानीय पर्यटन को फायदा
जब कोई बड़ी फिल्म किसी स्थान पर शूट होती है, तो वह जगह तुरंत दर्शकों के बीच प्रसिद्ध हो जाती है। कुछ ऐसा ही माउंट आबू के साथ भी हुआ। राजा हिन्दुस्तानी या हम साथ साथ हैं जैसी फिल्मों के बाद माउंट आबू को देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई। फिल्म पर्यटन (film tourism) ने यहां के होटल व्यवसाय, लोकल मार्केट और गाइड सेवाओं को एक नई ऊंचाई दी है।स्थानीय लोगों का कहना है कि जब किसी फिल्म की शूटिंग होती है तो वह सिर्फ स्टार्स के आने का रोमांच नहीं होता, बल्कि रोजगार का साधन भी बनता है। गाइड्स, होटल स्टाफ, ट्रांसपोर्ट सर्विसेज और कई बार छोटे व्यापारियों को भी इसका लाभ मिलता है।
भविष्य में माउंट आबू की संभावनाएं
राजस्थान सरकार और पर्यटन विभाग अब माउंट आबू को एक स्थायी शूटिंग डेस्टिनेशन बनाने की योजना पर काम कर रहा है। यदि यहां एक व्यवस्थित फिल्म सिटी या शूटिंग सुविधाएं विकसित की जाती हैं तो माउंट आबू न केवल पर्यटकों के लिए बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी एक हॉटस्पॉट बन सकता है।
सरकार द्वारा शूटिंग परमिशन की प्रक्रिया को सरल करने, टेक्स छूट देने और लोकल सपोर्ट सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। यदि यह प्रयास सफल होता है तो माउंट आबू आने वाले वर्षों में "फिल्म टूरिज्म हब" बन सकता है।

