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कम बजट और बिना ट्रैफिक का मज़ा: इस वीकेंड मसूरी की जगह ट्राई करें ये 4 छिपी हुई जगहें; जानें दिल्ली से सही रास्ता

कम बजट और बिना ट्रैफिक का मज़ा: इस वीकेंड मसूरी की जगह ट्राई करें ये 4 छिपी हुई जगहें; जानें दिल्ली से सही रास्ता

अगर वीकेंड पर पहाड़ों की ठंडी हवा, हरियाली और शांत वातावरण के बीच कुछ समय बिताने का मन है, लेकिन मसूरी और नैनीताल जैसी लोकप्रिय जगहों की भीड़ से बचना चाहते हैं, तो उत्तराखंड में कई ऐसे हिल स्टेशन हैं जहां आप सुकून के साथ छुट्टियां बिता सकते हैं।कुमाऊं क्षेत्र में मौजूद चौकोड़ी, मुनस्यारी, एबॉट माउंट और बिनसर अपने प्राकृतिक नजारों और अपेक्षाकृत शांत माहौल के लिए जाने जाते हैं। यहां आपको पहाड़, जंगल, हिमालयी दृश्य और प्रकृति के करीब समय बिताने का मौका मिल सकता है।हालांकि, पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

चौकोड़ी में चाय के बागानों के बीच मिलेगा सुकून

पिथौरागढ़ जिले में स्थित चौकोड़ी उन यात्रियों के लिए आकर्षक विकल्प हो सकता है जो पहाड़ों में शांति और प्राकृतिक खूबसूरती तलाशते हैं। यहां चारों तरफ हरियाली, पहाड़ी ढलान और चाय के बागान देखने को मिलते हैं।

चौकोड़ी से हिमालयी चोटियों के खूबसूरत नजारे भी देखे जा सकते हैं। अगर आप ऐसी जगह जाना चाहते हैं जहां प्रकृति के बीच आराम से समय बिताया जा सके और ज्यादा भीड़ न हो, तो चौकोड़ी को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

उत्तराखंड पर्यटन की जानकारी के मुताबिक इसका नजदीकी रेलहेड काठगोदाम है। सड़क मार्ग से दिल्ली से काठगोदाम-हल्द्वानी होते हुए अल्मोड़ा की ओर बढ़कर चौकोड़ी पहुंचा जा सकता है।

मुनस्यारी में देखिए पंचाचूली की खूबसूरत चोटियां

अगर आपको पहाड़ों के साथ ट्रेकिंग और हिमालयी नजारे पसंद हैं, तो मुनस्यारी आपके लिए खास डेस्टिनेशन हो सकता है। पिथौरागढ़ जिले की जोहार घाटी में स्थित मुनस्यारी पंचाचूली की बर्फीली चोटियों के खूबसूरत दृश्यों के लिए जाना जाता है।

यहां प्रकृति के बीच घूमने के साथ ट्रेकिंग और आसपास के पहाड़ी इलाकों को एक्सप्लोर करने का मौका मिलता है। हालांकि, दूसरे विकल्पों की तुलना में मुनस्यारी तक पहुंचने में ज्यादा समय लग सकता है, इसलिए छोटी छुट्टी में जाने से पहले यात्रा का समय जरूर ध्यान में रखें।

दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा मुनस्यारी पहुंचा जा सकता है और पिथौरागढ़ तक बस सेवा के बाद आगे सड़क से यात्रा की जा सकती है।

एबॉट माउंट में पुराने कॉटेज और देवदार के जंगल

चंपावत जिले में स्थित एबॉट माउंट उन लोगों के लिए एक शांत विकल्प हो सकता है जिन्हें भीड़भाड़ से दूर प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद है।

यहां पुराने ब्रिटिश दौर के कॉटेज, देवदार के जंगल और पहाड़ी वातावरण इस जगह को अलग अनुभव देते हैं। आसपास घूमते हुए आपको घने जंगलों और पहाड़ी नजारों का आनंद मिल सकता है।

सड़क मार्ग से लोहाघाट पहुंचने के बाद एबॉट माउंट जाना आसान रहता है। उत्तराखंड पर्यटन के अनुसार लोहाघाट से एबॉट माउंट की दूरी करीब 7 किलोमीटर है। काठगोदाम और टनकपुर से भी आगे की यात्रा के लिए टैक्सी विकल्प मिल सकते हैं।

बिनसर में जंगल और हिमालय का शानदार नजारा

अल्मोड़ा के पास स्थित बिनसर भी प्रकृति प्रेमियों के लिए एक खूबसूरत विकल्प है। घने ओक और देवदार के जंगलों के बीच बसा यह इलाका शांत वातावरण के लिए जाना जाता है।

यहां बिनसर वाइल्डलाइफ सेंचुरी भी घूमी जा सकती है, जहां जंगल और वन्यजीवों के बीच समय बिताने का अनुभव मिलता है। साफ मौसम में आसपास की हिमालयी चोटियों के नजारे भी आकर्षण का हिस्सा होते हैं।

दिल्ली से बिनसर जाने के लिए हल्द्वानी, भीमताल और अल्मोड़ा होते हुए सड़क मार्ग अपनाया जा सकता है। दिल्ली से इसकी दूरी करीब 400 किलोमीटर के आसपास बताई जाती है, इसलिए वीकेंड प्लान बनाते समय आने-जाने के समय का ध्यान रखना जरूरी है।

पहाड़ों पर निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

इन शांत हिल डेस्टिनेशन की खूबसूरती आपको जरूर आकर्षित कर सकती है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में मौसम और सड़क की स्थिति तेजी से बदल सकती है। इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले मौसम का पूर्वानुमान, सड़क की स्थिति और होटल/होमस्टे की उपलब्धता जरूर चेक करें।

अगर आप खुद गाड़ी चलाकर जा रहे हैं तो पहाड़ी रास्तों पर अतिरिक्त सावधानी बरतें और रात में लंबी ड्राइव से बचना बेहतर रहेगा। वहीं, मुनस्यारी जैसे अपेक्षाकृत दूर के डेस्टिनेशन के लिए पर्याप्त समय लेकर यात्रा प्लान करना ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है।तो अगर इस वीकेंड पहाड़ों में शांति, ठंडी हवा और प्रकृति के बीच कुछ समय बिताने का प्लान है, तो मसूरी और नैनीताल के अलावा चौकोड़ी, मुनस्यारी, एबॉट माउंट और बिनसर जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।

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