भीड़भाड़ से दूर सुकून की तलाश? दिल्ली के पास बसा है लैंडोर हिल स्टेशन, जानें ट्रैवल रूट और बेस्ट घूमने की जगहें
अगर आप दिल्ली में रहते हैं और हर वीकेंड किसी ऐसी जगह जाने का प्लान बनाते हैं जहां भीड़भाड़ से दूर पहाड़, ठंडी हवा और खूबसूरत नजारे मिल सकें, तो उत्तराखंड का लैंडोर (Landour) आपके लिए शानदार विकल्प हो सकता है।मसूरी के पास बसा लैंडोर अपनी शांत वादियों, देवदार के पेड़ों, पुराने ब्रिटिशकालीन घरों और खूबसूरत पहाड़ी रास्तों के लिए जाना जाता है। दिल्ली से यह जगह करीब 285 किलोमीटर दूर बताई जाती है और सड़क से पहुंचने में लगभग 5 से 6 घंटे लग सकते हैं। यही वजह है कि यह जगह दिल्ली-एनसीआर से वीकेंड ट्रिप के लिए काफी पसंद की जाती है।
दिल्ली से लैंडोर कैसे पहुंचे?
लैंडोर उत्तराखंड में मसूरी के पास स्थित है। अगर आप अपनी कार या बाइक से जा रहे हैं तो दिल्ली से मेरठ, मुजफ्फरनगर, देहरादून और मसूरी होते हुए लैंडोर पहुंच सकते हैं।
अगर ट्रेन से यात्रा करना चाहते हैं तो देहरादून रेलवे स्टेशन एक प्रमुख विकल्प है। देहरादून पहुंचने के बाद मसूरी के लिए बस या टैक्सी ली जा सकती है। मसूरी से लैंडोर की दूरी करीब 5-6 किलोमीटर है। यहां से टैक्सी, स्कूटी या अन्य स्थानीय साधनों से लैंडोर पहुंचा जा सकता है।
लैंडोर में कहां-कहां घूमें?
लैंडोर पहुंचने के बाद आपको यहां घूमने के लिए कई खूबसूरत जगहें मिल जाएंगी। यहां की खासियत यह है कि आपको सिर्फ एक जगह बैठकर नजारा देखने के बजाय वॉक, कैफे, व्यू पॉइंट और एडवेंचर एक्टिविटीज का भी मजा मिल सकता है।
चार दुकान:
लैंडोर का सबसे चर्चित इलाका चार दुकान है। यहां बैठकर गर्म चाय, कॉफी और पहाड़ों के खूबसूरत नजारों का आनंद लिया जा सकता है। ठंडी हवा और शांत माहौल इसे वीकेंड पर रिलैक्स करने के लिए खास बनाते हैं।
लाल टिब्बा:
लैंडोर की यात्रा में लाल टिब्बा को जरूर शामिल किया जा सकता है। यह क्षेत्र अपने खूबसूरत पहाड़ी दृश्यों और दूर तक फैले हिमालयी नजारों के लिए जाना जाता है। मौसम साफ हो तो यहां से आसपास के पहाड़ों का शानदार दृश्य दिखाई देता है।
क्लॉक टावर और पुराना लैंडोर:
लैंडोर की पुरानी गलियों में घूमना अपने आप में एक अलग अनुभव है। यहां आपको ब्रिटिशकालीन वास्तुकला और पुराने पहाड़ी माहौल की झलक देखने को मिलती है।
Kellogg Memorial Church भी देखें
लैंडोर में स्थित Kellogg Memorial Church भी यहां के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। चर्च की पुरानी वास्तुकला और आसपास का शांत वातावरण इसे खास बनाता है।अगर आपको इतिहास और पुरानी इमारतों को देखने का शौक है, तो यहां कुछ समय जरूर बिताया जा सकता है।
लैंडोर की गलियों में वॉक का अलग मजा
लैंडोर की सबसे खास चीजों में से एक यहां की शांत और संकरी पहाड़ी गलियां हैं। देवदार के पेड़ों से घिरे रास्तों पर पैदल घूमते हुए आपको शहर की भागदौड़ से बिल्कुल अलग माहौल महसूस होगा।सुबह के समय यहां की ठंडी हवा और शांत वातावरण खास अनुभव देता है, जबकि शाम के समय पहाड़ी रास्तों पर वॉक करना और आसपास के नजारों को देखना ट्रिप को और यादगार बना सकता है।
एडवेंचर पसंद है तो ये एक्टिविटीज भी
अगर आप सिर्फ घूमने के बजाय एडवेंचर का मजा लेना चाहते हैं तो आसपास के क्षेत्रों में स्काई वॉक, वैली क्रॉसिंग, जिप स्विंग, रॉक क्लाइम्बिंग और अन्य एडवेंचर एक्टिविटीज उपलब्ध हो सकती हैं। हालांकि किसी भी एक्टिविटी को करने से पहले मौसम, ऑपरेटर की सुरक्षा व्यवस्था और उस दिन उपलब्धता जरूर जांच लें।
वीकेंड पर क्यों जाएं लैंडोर?
अगर आपका मकसद कुछ दिनों के लिए शहर की भीड़भाड़ और शोर से दूर जाकर प्रकृति के करीब समय बिताना है, तो लैंडोर एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यहां आपको पहाड़ों का शांत माहौल, देवदार के जंगल, पुराने चर्च, खूबसूरत व्यू पॉइंट और पहाड़ी कैफे एक ही ट्रिप में देखने को मिल सकते हैं।यानी दिल्ली से लंबी छुट्टी लिए बिना भी आप वीकेंड पर पहाड़ों का मजा लेना चाहते हैं, तो लैंडोर को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

