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3 मिनट के इस शानदार डॉक्यूमेंट्री में जाने Jal Mahal से जुड़े हैरतंगेज फैक्ट्स, जानकर आप भी यहां घूमने के लिए हो जाएंगे मजबूर 

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राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित जल महल न केवल वास्तुकला का अद्भुत नमूना है, बल्कि यह रहस्य, प्रकृति और शाही वैभव का भी प्रतीक है। आमतौर पर इसे केवल एक सुंदर पर्यटन स्थल के रूप में देखा जाता है, लेकिन इसके पीछे छिपे कई अनजाने तथ्य हैं, जो इसे और भी दिलचस्प बनाते हैं।


जल महल का इतिहास: पानी के बीच खड़ा एक महल
जल महल का निर्माण राजा माधो सिंह प्रथम ने 18वीं शताब्दी में करवाया था। यह महल जयपुर के मानसागर झील के बीच स्थित है और इसका मूल उद्देश्य शिकार के समय राजा और उनके मेहमानों के विश्राम हेतु था। यह स्थान राजा के मानसरोवर भ्रमण और जलविहार के लिए आदर्श था।

5 मंजिलों वाला महल, जिसमें 4 डूबी रहती हैं पानी में
जल महल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पांच मंजिला इमारत है, जिसमें से चार मंजिलें हमेशा पानी के नीचे डूबी रहती हैं, और केवल सबसे ऊपरी मंजिल ही दिखाई देती है। मानसून के मौसम में जब झील पूरी तरह भर जाती है, तो यह महल और भी अद्भुत प्रतीत होता है, मानो यह पानी में तैर रहा हो।

राजस्थानी और मुगल वास्तुकला का मिश्रण
जल महल की वास्तुकला राजस्थानी और मुगल शैलियों का सुंदर मिश्रण है। इसमें सुंदर छतरियाँ, बलुआ पत्थरों से बनी दीवारें और नक्काशीदार गलियारे देखे जा सकते हैं। महल के कोनों पर चार अष्टकोणीय बुर्ज हैं जिन पर सुंदर छतरियाँ बनी हुई हैं।

जल महल की छत पर बना है हरा-भरा बाग
जल महल की छत पर एक सुंदर बाग बना हुआ है, जिसे चटरी बाग कहा जाता है। यह उद्यान शाही ठाठ और राजस्थान की बागवानी परंपरा का उदाहरण है। पर्यटक इसे बाहर से नहीं देख सकते, लेकिन इसके बारे में जानना भी रोमांचकारी है कि एक जलमहल की छत पर बाग कैसे हो सकता है।

आम जनता के लिए अंदर जाना प्रतिबंधित है
एक बड़ा रहस्य यह भी है कि जल महल के अंदर आम पर्यटकों को प्रवेश की अनुमति नहीं है। लोग इसे केवल बाहर से नाव में बैठकर या झील के किनारे से देख सकते हैं। इसके अंदरूनी हिस्से को लंबे समय से संरक्षित रखा गया है, जिससे इसमें बना रहस्य और भी गहरा हो जाता है।

लंबे समय तक रहा उपेक्षित, अब हुआ पुनःस्थापन
20वीं सदी के दौरान जल महल उपेक्षित हो गया था और मानसागर झील भी प्रदूषित हो गई थी। लेकिन 21वीं सदी में इसे एक प्राइवेट-पब्लिक पार्टनरशिप के तहत फिर से बहाल किया गया। अब यह स्थल स्वच्छ और दर्शनीय बन चुका है, और झील में नाव विहार की सुविधा भी उपलब्ध है।

पक्षियों का स्वर्ग बना मानसागर झील
जल महल के आसपास स्थित मानसागर झील न केवल प्राकृतिक सुंदरता का केन्द्र है, बल्कि यह सैकड़ों प्रवासी पक्षियों का भी आश्रय स्थल बन चुकी है। सर्दियों में यहां साइबेरियन बर्ड्स, पेंटेड स्टॉर्क, और स्पूनबिल्स जैसे पक्षी दिखाई देते हैं, जिससे यह बर्ड वॉचर्स के लिए भी खास जगह है।

फिल्मों और फोटोग्राफरों की पहली पसंद
जल महल की खूबसूरती के कारण यह बॉलीवुड फिल्मों, म्यूज़िक वीडियोज़ और वेडिंग प्रीशूट्स का पसंदीदा स्थल है। इसका प्रतिबिंब जब पानी में दिखता है, तो वह एक परीलोक जैसा अनुभव देता है। सूर्यास्त के समय इसका नज़ारा देखने लायक होता है।

रहस्य: क्या महल के नीचे सुरंगें हैं?
स्थानीय कथाओं और कहानियों में कहा जाता है कि जल महल के नीचे गुप्त सुरंगें और कमरे हैं, जो महल को शहर के किले और अन्य शाही स्थलों से जोड़ते थे। हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन ये कहानियाँ महल को और भी रहस्यमयी बना देती हैं।

निष्कर्ष: जल महल – सिर्फ एक महल नहीं, एक जीवंत इतिहास है
जयपुर का जल महल केवल एक टूरिस्ट स्पॉट नहीं, बल्कि यह राजस्थान की समृद्ध वास्तुकला, संस्कृति और रहस्यों का प्रतिनिधित्व करता है। इसके पानी में डूबी मंजिलें, छत पर बाग, और इसके भीतर छिपे रहस्य आज भी लोगों को आकर्षित करते हैं। चाहे आप इतिहास के प्रेमी हों, प्रकृति के, या फोटोग्राफी के—जल महल हर किसी के लिए कुछ खास समेटे हुए है।

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