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माउंट आबू से लेकर कुंभलगढ़ किले तक, वीडियो में देखे अरावली पर्वत श्रृंखला में बसे वो टूरिस्ट पॉइंट्स जो आपको कर देंगे मंत्रमुग्ध

माउंट आबू से लेकर कुंभलगढ़ किले तक, वीडियो में देखे अरावली पर्वत श्रृंखला में बसे वो टूरिस्ट पॉइंट्स जो आपको कर देंगे मंत्रमुग्ध

भारत की भौगोलिक विविधता में अरावली पर्वतमाला एक अद्वितीय स्थान रखती है। यह सिर्फ एक पर्वत श्रृंखला नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति, जैव विविधता और पर्यटन का अद्भुत संगम है। उत्तर-पश्चिम भारत में फैली यह पर्वतमाला भारत की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक मानी जाती है, जो राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात तक फैली हुई है। खासकर राजस्थान के पर्यटन मानचित्र में अरावली की भूमिका बेहद अहम है।जहां एक ओर यह पर्वतमाला राजस्थान के रेगिस्तानी भू-भाग में हरियाली का उपहार है, वहीं दूसरी ओर यह अनेक ऐतिहासिक दुर्ग, मंदिर, झीलें और पर्यटन स्थल अपने आंचल में समेटे हुए है। आइए जानते हैं अरावली पर्वतमाला से जुड़े प्रमुख पर्यटन स्थल (Tourist Points) और उनकी विशिष्टताएं।


1. माउंट आबू – अरावली की रानी
अरावली की सबसे ऊँची चोटी गुरु शिखर (1,722 मीटर) पर बसा माउंट आबू राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन है। यहां का ठंडा मौसम, नैकलेस रोड, नक्की झील, और खासकर दिलवाड़ा मंदिरों की वास्तुकला पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है।
प्रमुख आकर्षण: गुरु शिखर, नक्की झील, टॉड रॉक, सनसेट पॉइंट
गतिविधियाँ: ट्रैकिंग, बोटिंग, हिल ड्राइविंग

 2. सरिस्का टाइगर रिज़र्व – जंगल का रोमांच
अलवर जिले में स्थित सरिस्का नेशनल पार्क अरावली की गोद में बसा एक वन्यजीव प्रेमियों का स्वर्ग है। यहां बाघ, तेंदुआ, नीलगाय, सांभर और अनेक पक्षी प्रजातियां देखने को मिलती हैं।
विशेष: सफारी, जंगल ट्रेल्स, बायोलॉजिकल विविधता
नजदीकी स्थल: सरिस्का पैलेस, पांडुपोल हनुमान मंदिर

3. कुंभलगढ़ – किले की भव्यता और प्राकृतिक सुरक्षा
अरावली की पहाड़ियों के बीच बसा कुंभलगढ़ किला, राणा कुंभा द्वारा बनवाया गया एक अद्भुत किला है, जिसकी दीवार चीन की दीवार के बाद दूसरी सबसे लंबी है। यह किला न सिर्फ ऐतिहासिक है, बल्कि पर्यटकों के लिए एक ट्रेकिंग स्पॉट भी बन चुका है।
खासियत: 36 किमी लंबी दीवार, ऊंचाई से घिरे पहाड़
UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल

4. सज्जनगढ़ – मानसून पैलेस की खूबसूरती
उदयपुर के समीप स्थित सज्जनगढ़ पैलेस, जिसे मानसून पैलेस भी कहा जाता है, अरावली की ऊंचाई पर बना एक शानदार महल है जो सूर्यास्त के समय बेहद मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है।
विशेष: ऊँचाई से उदयपुर शहर का नज़ारा, आसपास का वन्यजीव अभयारण्य
ट्रेकिंग और फोटोग्राफी के लिए आदर्श

5. जयगढ़ और नाहरगढ़ – अरावली के प्रहरी
जयपुर के किले जयगढ़ और नाहरगढ़ अरावली की पहाड़ियों पर बनाए गए हैं, जो रणनीतिक दृष्टि से राजस्थान के इतिहास में महत्वपूर्ण हैं। नाहरगढ़ से जयपुर शहर का मनोरम दृश्य दिखाई देता है, वहीं जयगढ़ में विश्व की सबसे बड़ी तोप "जयवाना" है।
आकर्षण: किला टूर, संग्रहालय, कैफे, सूर्यास्त दृश्य

6. बांडी नदी और बिसलपुर डैम – प्राकृतिक सुंदरता
अरावली से निकलने वाली छोटी नदियों में बांडी और बनास नदी प्रमुख हैं, जिन पर बने डैम पर्यटन की दृष्टि से उभरते स्पॉट बन चुके हैं। बिसलपुर डैम टोंक जिले में स्थित है और मानसून के दौरान यह क्षेत्र बेहद आकर्षक हो जाता है।
गतिविधियाँ: पिकनिक, फोटोग्राफी, मानसूनी भ्रमण

7. तिजारा जैन तीर्थ और नीमराणा – अध्यात्म और विरासत
अलवर जिले में अरावली की पर्वत शृंखला में बसा तिजारा जैन तीर्थ धार्मिक पर्यटन का केंद्र है। वहीं पास में ही स्थित नीमराणा फोर्ट आज एक हेरिटेज होटल है जहां पर्यटक राजसी जीवन का अनुभव लेते हैं।

अरावली: सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य ही नहीं, पर्यावरण रक्षक भी
अरावली पर्वत माला राजस्थान के रेगिस्तानी विस्तार में हरियाली का आधार है। यह न केवल मृदा अपरदन को रोकती है, बल्कि भूगर्भीय जलस्तर को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाती है। हालाँकि, लगातार हो रही खनन गतिविधियाँ, वनों की कटाई और अतिक्रमण ने इसके अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है। ऐसे में पर्यटन को इको-फ्रेंडली और सस्टेनेबल बनाना वक्त की ज़रूरत है।

निष्कर्ष
अरावली पर्वतमाला केवल चट्टानों की एक श्रृंखला नहीं है, बल्कि यह भारत के भूगोल, इतिहास, संस्कृति और पर्यावरण की एक जिंदा मिसाल है। इसके हर मोड़ पर छिपे हैं वो किस्से, वो महल, वो झीलें और जंगल जो देशी और विदेशी सैलानियों को बार-बार खींच लाते हैं।अगर आपने अब तक अरावली की गहराइयों को नहीं जाना, तो अगली छुट्टियों में माउंट आबू से लेकर सरिस्का और नाहरगढ़ तक की यात्रा जरूर करें। प्रकृति, शांति और रोमांच — सबकुछ एक साथ मिलेगा!

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