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भानगढ़ से कुलधरा तक! वीडियो में जाने राजस्थान के उन रहस्यमयी किलों की दास्तान जो आज भी डर पैदा करते

भानगढ़ से कुलधरा तक! वीडियो में जाने राजस्थान के उन रहस्यमयी किलों की दास्तान जो आज भी डर पैदा करते

राजस्थान—एक ऐसा राज्य, जिसकी पहचान सिर्फ थार के तपते रेगिस्तान, रंग-बिरंगे मेलों और ऊंटों के कारवां से नहीं होती, बल्कि यहां के किले और महल भी इसकी आत्मा में बसते हैं। ये किले न सिर्फ शौर्य और पराक्रम के प्रतीक हैं, बल्कि कुछ किले ऐसे भी हैं, जिनके चारों ओर रहस्यमयी कहानियों, श्रापों और भूतिया घटनाओं की परछाइयाँ मंडराती हैं।इन शापित किलों की हवाओं में कुछ ऐसा है जो हर यात्री को ठहर कर सोचने पर मजबूर करता है—क्या यह सिर्फ अफवाह है या इतिहास में सचमुच कुछ ऐसा घटित हुआ था जिसने इन किलों को डरावनी पहचान दे दी?आइए जानते हैं राजस्थान के ऐसे ही कुछ शापित और रहस्यमयी किलों के बारे में, जो आज भी भूत-प्रेत, श्राप और अनकहे राज की कहानियाँ समेटे हुए हैं।


1. भानगढ़ का किला – भारत का सबसे डरावना किला
राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भानगढ़ का किला भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया में सबसे भूतिया स्थान माना जाता है। इस किले से जुड़ी सबसे प्रचलित कथा एक तांत्रिक और राजकुमारी रत्नावती की है। कहा जाता है कि तांत्रिक ने राजकुमारी को पाने के लिए तंत्र प्रयोग किया, लेकिन उसकी योजना विफल हो गई और मरते समय उसने किले को श्राप दे दिया कि यह पूरी नगरी कभी भी आबाद नहीं रह पाएगी।आज भी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने यहाँ सूरज ढलने के बाद प्रवेश को निषिद्ध किया हुआ है। लोग कहते हैं कि रात के समय यहां चीखें, कदमों की आवाजें, और रूहों की सिसकियाँ सुनाई देती हैं।


2. कुलधरा गाँव और उसका वीरान किला
जैसलमेर के पास स्थित कुलधरा गाँव कभी एक संपन्न पालीवाल ब्राह्मणों की बस्ती था। एक रात, पूरा गाँव रहस्यमय तरीके से खाली हो गया और 84 गाँवों के लोग एक साथ कहीं चले गए। कहते हैं, जाते-जाते उन्होंने इस जगह को ऐसा श्राप दिया कि कोई यहां दोबारा बस नहीं सकेगा।यहाँ का किला और गाँव आज भी वीरान हैं। पर्यटकों के अनुसार, शाम होते ही अजीब सी ऊर्जा महसूस होती है। कोई कहता है कि उसे किसी के चलने की आवाज आई, तो कोई किसी अदृश्य ताकत की मौजूदगी की बात करता है।


3. नाहरगढ़ का किला – आत्मा की पहरेदारी
जयपुर के पास स्थित नाहरगढ़ किला भी अपने आप में एक रहस्य है। राजा सवाई जयसिंह द्वारा बनवाया गया यह किला, मूल रूप से सुरक्षा के उद्देश्य से तैयार हुआ था। लेकिन यहां की एक मान्यता के अनुसार, किले के निर्माण में बाधा डालने वाली नाहर सिंह भोंमिया नामक आत्मा को शांत करने के लिए किले को उसका नाम दिया गया।आज भी माना जाता है कि नाहर सिंह की आत्मा यहां पहरा देती है। कई कर्मचारियों ने रात में अजीब परछाइयों और आवाज़ों को महसूस करने की बात कही है।

4. कुम्भलगढ़ किला – बलिदान और रहस्य
राजसमंद जिले में स्थित कुम्भलगढ़ किला अपने विशाल परकोटे और चमत्कारी निर्माण के लिए प्रसिद्ध है। यह दीवार चीन की दीवार के बाद दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार है। लेकिन इसके निर्माण से जुड़ी एक दिल दहला देने वाली कहानी है—स्थानीय संत के कहने पर किले की नींव में एक मानव बलिदान दिया गया था।कहते हैं, आज भी उस आत्मा की हिफाज़त इस किले में होती है। रात के समय यहां रहना बेहद डरावना अनुभव हो सकता है।

5. मेहरानगढ़ का किला – दीवारों में दबी कहानियाँ
जोधपुर का मेहरानगढ़ किला एक भव्य स्थापत्य है, लेकिन इसके पीछे भी एक रहस्यमयी बलिदान की कथा है। इस किले की नींव रखने के समय एक संत ने चेतावनी दी थी कि यह भूमि किसी भी निर्माण को स्वीकार नहीं करेगी, जब तक यहां एक व्यक्ति को जिंदा दफनाकर बलिदान न दिया जाए। ऐसा ही हुआ, और किला बन गया।आज भी कई लोग कहते हैं कि उस व्यक्ति की आत्मा किले के किसी कोने में मौजूद है, और अंधेरे में यहां अजीब सी ऊर्जा की लहरें महसूस होती हैं।

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