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देव दीपावली 2026: रोशनी से जगमगाते घाटों का अद्भुत नजारा, काशी जाने का बना रहे हैं प्लान तो जान लें ये खास बातें

देव दीपावली 2026: रोशनी से जगमगाते घाटों का अद्भुत नजारा, काशी जाने का बना रहे हैं प्लान तो जान लें ये खास बातें

उत्तर प्रदेश का वाराणसी देश के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक और आध्यात्मिक शहरों में से एक है। गंगा नदी के किनारे बसे इस शहर की पहचान यहां के प्राचीन मंदिरों, खूबसूरत घाटों और धार्मिक परंपराओं से है। हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक काशी के दर्शन करने पहुंचते हैं। खासतौर पर देव दीपावली के अवसर पर वाराणसी की खूबसूरती देखने लायक होती है। इस दिन गंगा के घाट लाखों मिट्टी के दीयों की रोशनी से जगमगा उठते हैं और पूरा शहर उत्सव के रंग में रंग जाता है।अगर आप भी वाराणसी घूमने की योजना बना रहे हैं, तो देव दीपावली का समय आपके लिए खास हो सकता है। इस दौरान गंगा आरती, दीपदान, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है।

देव दीपावली का क्या है धार्मिक महत्व?

देव दीपावली हर साल कार्तिक महीने की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इसे देवताओं की दीपावली भी कहा जाता है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था। इस विजय की खुशी में देवी-देवताओं ने काशी पहुंचकर दीप जलाए थे।इसी मान्यता के चलते हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर वाराणसी के घाटों पर दीपदान किया जाता है। श्रद्धालु गंगा किनारे दीये जलाकर पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन दीपदान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। शाम होते ही घाटों पर लाखों दीपों की रोशनी फैल जाती है और गंगा का तट बेहद खूबसूरत दिखाई देता है।

इस साल कब मनाई जाएगी देव दीपावली?

देव दीपावली दिवाली के लगभग 15 दिन बाद कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। साल 2026 में देव दीपावली 24 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन वाराणसी के प्रमुख घाटों को मिट्टी के दीयों से सजाया जाता है।शाम के समय गंगा आरती, मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ उत्सव का माहौल बन जाता है। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु और पर्यटक इस खास आयोजन को देखने के लिए काशी पहुंचते हैं।

वाराणसी में देव दीपावली पर क्या-क्या होता है खास?

1. लाखों दीयों से जगमगाते घाट

देव दीपावली का सबसे बड़ा आकर्षण गंगा के घाटों पर होने वाला दीपदान है। दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट और राजेंद्र प्रसाद घाट सहित कई प्रमुख घाटों पर हजारों-लाखों दीप जलाए जाते हैं। दूर से देखने पर ऐसा लगता है मानो पूरा गंगा तट रोशनी से सज गया हो।

2. भव्य गंगा आरती

देव दीपावली के दिन वाराणसी की गंगा आरती का नजारा बेहद खास होता है। मंत्रोच्चार, शंखनाद और दीपों के साथ होने वाली आरती श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव देती है। इस दौरान घाटों पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं।

3. नाव से देखें रोशनी का अद्भुत नजारा

अगर आप देव दीपावली को यादगार बनाना चाहते हैं, तो गंगा में नाव की सवारी कर सकते हैं। नदी के बीच से घाटों पर जलते हजारों दीयों को देखना एक अलग ही अनुभव होता है। हालांकि, इस दौरान नावों में काफी भीड़ हो सकती है, इसलिए पहले से बुकिंग और सुरक्षा नियमों का ध्यान रखना जरूरी है।

4. काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन

देव दीपावली के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों के लिए इस दौरान बाबा विश्वनाथ के दर्शन करना यात्रा को और खास बना सकता है।

देव दीपावली पर वाराणसी घूमने जा रहे हैं तो रखें इन बातों का ध्यान

देव दीपावली के दौरान वाराणसी में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। इसलिए होटल और यात्रा की बुकिंग पहले से कर लेना बेहतर है। घाटों पर जाने के लिए प्रशासन की ओर से जारी ट्रैफिक और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें। नाव की सवारी करते समय लाइफ जैकेट पहनें और अधिक भीड़ वाली नाव में बैठने से बचें।देव दीपावली सिर्फ रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि वाराणसी की धार्मिक परंपरा, संस्कृति और आस्था का भव्य उत्सव है। गंगा के किनारे लाखों दीपों की जगमगाहट और भव्य आरती का अनुभव जीवनभर याद रह सकता है।

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