225 सालों बाद आज भी राजस्थान के इस गांव की गलियों में भटक रही है ये चुड़ैल ? वीडियो में पहली बार कैद हुआ खौफनाक नजारा
राजस्थान की धूल भरी हवाएं सिर्फ इतिहास की कहानियां ही नहीं, बल्कि कुछ डरावनी दास्तानें भी अपने साथ लिए फिरती हैं। ऐसा ही एक रहस्यमयी गांव है — कुलधरा, जो जोधपुर से करीब 17 किलोमीटर दूर जैसलमेर जिले में स्थित है। कहा जाता है कि यह गांव पिछले 225 सालों से वीरान पड़ा है, और इसकी गलियों में आज भी एक चुड़ैल की आत्मा भटकती है। यह कहानी सुनने में भले ही फिल्मी लगे, लेकिन स्थानीय लोगों की मानें तो यहां रात में कदम रखना मौत को बुलाने जैसा है।
कुलधरा गांव की डरावनी कहानी
कुलधरा एक समय पर पालीवाल ब्राह्मणों का समृद्ध गांव हुआ करता था। करीब 84 गांवों के लोग यहां शांति से रहते थे। लेकिन एक दिन सब कुछ बदल गया जब जैसलमेर के दीवान सलिम सिंह की बुरी नजर गांव की एक खूबसूरत ब्राह्मण कन्या पर पड़ी। दीवान ने गांववालों को धमकी दी कि अगर लड़की उसे नहीं दी गई तो वह गांव को तबाह कर देगा। इस अपमान और अन्याय से दुखी होकर पालीवालों ने एक रात में पूरा गांव खाली कर दिया। कहते हैं कि जाते-जाते उन्होंने इस गांव को शाप दे दिया कि यहां कोई दोबारा बस नहीं पाएगा।
चुड़ैल की मौजूदगी की दास्तां
स्थानीय लोगों और गाइड्स के अनुसार, आज भी रात के समय कुलधरा की गलियों में किसी के चलने की आवाजें, औरत के रोने की सिसकियां, और कभी-कभी एक सफेद साड़ी में लिपटी परछाईं देखी जाती है। लोगों का मानना है कि जिस लड़की के कारण गांव छोड़ा गया, उसकी आत्मा आज भी गांव में भटक रही है। कुछ का कहना है कि वह अब एक चुड़ैल बन चुकी है, जो अपने साथ हुए अन्याय का बदला लेना चाहती है।
वैज्ञानिकों की कोशिश और असफलता
कई बार पैरानॉर्मल एक्सपर्ट्स और वैज्ञानिक टीमों ने यहां रिसर्च करने की कोशिश की है, लेकिन उनके उपकरण अचानक काम करना बंद कर देते हैं। कैमरे की बैटरियां अचानक खत्म हो जाती हैं, और कई बार फोटो में अजीब छायाएं कैद हो जाती हैं।
ASI की चेतावनी
भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) ने यहां रात में प्रवेश करने पर सख्त पाबंदी लगा रखी है। बोर्ड पर साफ लिखा है कि सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले इस क्षेत्र में जाना मना है।
बॉलीवुड और डरावनी फिल्मों की शूटिंग
कुलधरा की रहस्यमयी और डरावनी छवि ने फिल्म निर्माताओं को भी आकर्षित किया है। यहां कई हॉरर फिल्मों, डॉक्यूमेंट्रीज़ और वेब सीरीज़ की शूटिंग हो चुकी है, जिनमें कुलधरा को "भारत की सबसे डरावनी जगह" बताया गया है।
निष्कर्ष
‘स्त्री’, ‘भूल भुलैया’, या ‘द कॉन्ज्यूरिंग’ जैसी फिल्मों में जो डर परदे पर दिखता है, कुलधरा गांव में वो डर हकीकत में महसूस होता है। 225 सालों से वीरान इस गांव की खामोश दीवारें आज भी उस लड़की की चीखों को दोहराती हैं, जिसकी आत्मा अब भी इंसाफ चाहती है।

