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Ekta Bisht Birthday भारतीय महिला क्रिकेटर एकता बिष्ट के जन्मदिन पर जानें इनके अनसुने किस्से

एकता बिष्ट (अंग्रेज़ी: Ekta Bisht, जन्म: 8 फ़रवरी 1986; अल्मोड़ा, उत्तराखंड) भारत की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी हैं। जो भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए खेलती....
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स्पोर्टस न्यूज डेस्क !!! एकता बिष्ट (अंग्रेज़ी: Ekta Bisht, जन्म: 8 फ़रवरी 1986; अल्मोड़ा, उत्तराखंड) भारत की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी हैं। जो भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए खेलती है।

संक्षिप्त परिचय

महिला विश्‍वकप क्रिकेट के लिए हुए क्वालीफायर टूर्नामेट में अल्मोड़ा की महिला खिलाड़ी एकता बिष्ट को आईसीसी की ओर से गेंदबाजी में 8वां स्थान मिला हैं। एकता ने इस क्वालीफायर टूर्नामेट में अपने 50 विकेट पूरे किए है। वह बाएं हाथ की स्पिनर हैं। आपसी बातचीत में एकता बिष्ट प्रदेश में खेलों को लेकर सरकार की उदासीनता से खफा लगी। उनका कहना है कि खेल और खिलाड़ियों को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। एक निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से सम्बंध रखने वाली एकता वर्तमान में अपने परिवार के साथ खजांची मोहल्ला अल्मोड़ा में रहती है। वैसे मूल रूप से वह विगत बरसात में आपदाग्रस्त हुए द्योली गाँव की रहने वाली है। बचपन से ही नगर के गली मोहल्लों में उसने प्लास्टिक की गेंद से क्रिकेट खेली थी। परिवार से पढ़ाई और कॅरियर के दबावों के बावजूद उसने खेल के प्रति अपने समर्पण को कभी नहीं छोड़ा। कोच लियाकत अली की मेहनत से आज वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुँच गई है।

कॅरियर

एकता बिष्ट ने चार देशों की अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत को जीत दिलाई। वह ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब जीती हैं। इंग्लैण्ड में अपने अंतिम मुकाबले में उन्होंने 8 ओवर में 4 मेडेन फेंके और 15 रन देकर तीन विकेट झटके। एकता के अनुसार उन्होंने 16 साल की आयु से पूरे मनोयोग से क्रिकेट खेला। उत्तराखंड की क्रिकेट टीम न होने से वह 2002 में गोरखपुर से उत्तर प्रदेश और 2 सालों से वह सेंट्रल जोन और इंण्डिया चैलेंजर में भी खेली थीं। विश्वकप प्रतियोगिता में भी वह भाग ले चुकी है। अपने इंग्लैण्ड के अनुभवों के आधार पर उन्होंने बताया कि वहाँ की तुलना में यहाँ खिलाडि़यों को आधी सुविधा भी नहीं मिलती। अल्मोड़ा नगर में तो एक अच्छा स्टेडियम तक नहीं है। एक छोटे खेल मैदान में ही सभी खिलाड़ी विभिन्न प्रकार के खेल खेलते आए हैं। जबकि अन्य देशों में खेल मैदानों की भरमार है। साथ ही उनके खिलाड़ी खेल के सामान और फिटनेस को लेकर कमी महसूस नहीं करते। एकता ने क्रिकेट में उत्तराखण्ड की लड़कियों का भविष्य कठिन बताया और कहा कि आज तक इस राज्य में लड़कियो के लिए क्रिकेट एसोशिएसन तक गठित नहीं हो पाई है।
 

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