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बीएसएफ सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज का पार्थिव शरीर देख बेटे इमरान की आंखें नम, कहा- मुझे पिता पर गर्व है

पटना, 12 मई (आईएएनएस)। जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में क्रॉस बॉर्डर फायरिंग में देश की रक्षा करते हुए अपना बलिदान देने वाले बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज का पार्थिव शरीर सोमवार को पटना लाया गया। यहां राजनीतिक हस्तियों के अलावा कई लोगों ने वीर जवान को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
बीएसएफ सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज का पार्थिव शरीर देख बेटे इमरान की आंखें नम, कहा- मुझे पिता पर गर्व है

पटना, 12 मई (आईएएनएस)। जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में क्रॉस बॉर्डर फायरिंग में देश की रक्षा करते हुए अपना बलिदान देने वाले बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज का पार्थिव शरीर सोमवार को पटना लाया गया। यहां राजनीतिक हस्तियों के अलावा कई लोगों ने वीर जवान को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

पटना हवाई अड्डे पर शहीद इम्तियाज का शव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। सभी लोग पाकिस्तान के नापाक इरादे की निंदा करते नजर आए। शहीद मोहम्मद इम्तियाज के पुत्र मोहम्मद इमरान रजा ने इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में बिलखते हुए कहा- मुझे अपने पिता पर गर्व है। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं।

इस मौके पर उपस्थित मोहम्मद इम्तियाज के छोटे भाई ने कहा कि भारत सरकार को एक्शन लेना चाहिए। मेरे भाई शहीद हुए हैं, हमें पाकिस्तान को नक्शा से मिटा देना चाहिए। आतंकियों को मारने से कुछ नहीं होगा, नेस्तानाबूद कर देना चाहिए। पटना एयरपोर्ट पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रशासनिक अधिकारी और बीएसएफ के कई अधिकारी मौजूद रहे।

बता दें कि जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शनिवार को पाकिस्तान की गोलीबारी में बीएसएफ के जवान मोहम्मद इम्तियाज शहीद हो गए थे। बिहार के लाल सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज ने सीमा पर आतंकवादियों के छक्के छुड़ा दिए थे। शहीद सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज छपरा जिले के गड़खा थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव के रहने वाले थे। उनके शहीद होने की खबर के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। पटना हवाई अड्डे से उनके पार्थिव शरीर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नारायणपुर भेज दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला और फिर भारत द्वारा किए गए एयर स्ट्राइक के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। इस बीच सीजफायर की घोषणा कर दी गई। इसके बावजूद सीमापार से हमले हुए थे, जिसमें मोहम्मद इम्तियाज शहीद हो गए थे।

--आईएएनएस

एमएनपी/एएस

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