पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पहले चरण के लिए मुरशिदाबाद में सबसे अधिक केंद्रीय बलों की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए चुनाव आयोग ने व्यापक सुरक्षा योजना लागू की है। इसके तहत राज्य के संवेदनशील जिलों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की भारी तैनाती की जा रही है, जिसमें मुरशिदाबाद जिले को सबसे अधिक सुरक्षा कवरेज दिया गया है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में कुल 2,407 कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनात की जाएंगी, जिनका उद्देश्य मतदान प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना है। इनमें से सबसे ज्यादा 316 कंपनियां अकेले मुरशिदाबाद जिले में तैनात की जाएंगी। यह तैनाती मुरशिदाबाद पुलिस जिला और जंगीपुर पुलिस जिला—दोनों हिस्सों में विभाजित की गई है, जहां क्रमशः 240 और 76 कंपनियां तैनात रहेंगी।
अधिकारियों के अनुसार, मुरशिदाबाद को संवेदनशील जिला मानते हुए यहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। यह जिला न केवल जनसंख्या के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि अतीत में चुनावी हिंसा और तनाव की घटनाओं के कारण भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए प्राथमिकता में रहता है। इसी वजह से यहां केंद्रीय बलों की सबसे बड़ी तैनाती की गई है।
इसके बाद पूर्व मेदिनीपुर जिले में 273 कंपनियों की तैनाती की जाएगी, जो दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुरा, बीरभूम और मालदा जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों को तैनात किया जा रहा है, ताकि मतदान प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।
चुनाव आयोग ने बताया है कि कुल 152 विधानसभा सीटों पर पहले चरण में मतदान 23 अप्रैल को कराया जाएगा, जबकि राज्य में कुल 294 सीटों के लिए चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। आयोग का कहना है कि यह पूरी कवायद मतदाताओं को सुरक्षित माहौल देने और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ रूट मार्च और फ्लैग मार्च भी तेज कर दिए गए हैं, ताकि मतदान से पहले ही संवेदनशील इलाकों में भरोसे का माहौल बनाया जा सके। अधिकारियों का दावा है कि इस बार चुनाव में तकनीक और सुरक्षा दोनों का स्तर पहले से अधिक मजबूत किया गया है।
फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या हिंसा को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं।

