पश्चिम बंगाल बजट 2026: 1 लाख सरकारी भर्तियों का ऐलान, DA बढ़कर 38% होगा; वीडियो में जाने महिलाओं और अग्निवीरों के लिए बड़ी घोषणाएं
West Bengal की भाजपा सरकार ने सोमवार को अपना पहला पूर्ण बजट पेश करते हुए सरकारी नौकरियों, महंगाई भत्ते (DA) और महिला कल्याण योजनाओं को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। वित्त मंत्री Swapan Dasgupta ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए राज्य में 1 लाख सरकारी पदों पर भर्ती करने का ऐलान किया।
सरकार का कहना है कि यह भर्ती अभियान प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया जाएगा। बजट में महिलाओं, सरकारी कर्मचारियों और पूर्व अग्निवीरों के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
1 लाख सरकारी नौकरियों का ऐलान
बजट के अनुसार राज्य सरकार विभिन्न विभागों में कुल 1 लाख रिक्त पदों पर नियुक्तियां करेगी। इनमें करीब 20 हजार पद पुलिस विभाग में भरे जाएंगे, जबकि 50 हजार पद शिक्षक और गैर-शिक्षकीय श्रेणी में होंगे। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कुल पदों में 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को देने का फैसला किया है। इसके अलावा सेना की अग्निवीर योजना के तहत सेवा दे चुके युवाओं को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाएगा।
सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत
राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए भी बड़ी घोषणा की है। बजट में कहा गया है कि 1 अक्टूबर 2026 से महंगाई भत्ता (DA) 18 प्रतिशत से बढ़ाकर 38 प्रतिशत कर दिया जाएगा। इस फैसले से लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से कर्मचारी संगठनों की ओर से DA बढ़ाने की मांग की जा रही थी।
अन्नपूर्णा योजना पर 36 हजार करोड़ रुपये खर्च
महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अन्नपूर्णा योजना के लिए 36 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकार का दावा है कि इस योजना से राज्य की बड़ी संख्या में महिलाओं को लाभ मिलेगा और उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
अल्पसंख्यक कल्याण बजट में बड़ी कटौती
बजट की सबसे चर्चित घोषणाओं में अल्पसंख्यक कल्याण एवं मदरसा विभाग के बजट में की गई कटौती भी शामिल है। सरकार ने इस विभाग के लिए आवंटित राशि को 5,713 करोड़ रुपये से घटाकर 2,165.42 करोड़ रुपये कर दिया है। इस फैसले को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे अल्पसंख्यक समुदायों के हितों के खिलाफ बताया है, जबकि सरकार का कहना है कि संसाधनों का पुनर्वितरण विकास और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने के लिए किया गया है।
रोजगार और कल्याण पर सरकार का फोकस
बजट से यह संकेत मिलता है कि राज्य सरकार रोजगार, महिला कल्याण और सरकारी कर्मचारियों को राहत देने पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। वहीं, अल्पसंख्यक कल्याण मद में कटौती को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक विवाद और तेज होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि 1 लाख भर्तियों और DA वृद्धि जैसी घोषणाएं राज्य के लाखों युवाओं और कर्मचारियों को प्रभावित करेंगी, जबकि बजट की कुछ अन्य घोषणाएं राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनी रहेंगी।

